'एनकाउंटर' करने आया था फर्जी पुलिसवाला, स्पोर्ट्स शूज ने पहुंचा दिया जेल
संभल।संभल में वर्दी पहनकर और खिलौना पिस्टल लगाकर व्यापारी से वसूली करना एक शख्स को भारी पड़ गया। खाकी वर्दी में तो था, पर पैरों में पहने 'नीले स्पोर्ट्स शूज' ने उसकी पोल खोल दी। पुलिस फर्जी पुलिस वाले को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
खाकी वर्दी पहने, कमर में पिस्टल लगाए और सीने पर यूपी पुलिस का बैच लगाकर युवक संभल सदर कोतवाली इलाके के चौधरी सराय पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर स्थित कबाड़ा व्यापारी गय्यूर की दुकान पर पहुंचा। खुद को संभल पुलिस से बताकर व्यापारी के सामने रौब गांठने लगा। उसने धमकाते हुए कबाड़ा व्यापारी से पांच हजार रुपये की मांग की। व्यापारी ने पैसे मांगने का कारण पूछा, व्यापारी के सवाल जवाब करते ही खाकीधारी शख्स पिस्टल हाथ में लेकर एनकाउंटर की धमकी देने लगा। हाथ में पिस्टल देख और एनकाउंटर की धमकी सुन व्यापारी सहम गया।
नीले रंग के स्पोर्ट्स शूज ने खोली पोल
डर की वजह से व्यापारी ने अपनी जेब से पांच सौ रुपये निकालकर खाकीधारी को दिए। इसी बीच कबाड़ा व्यापारी की नजर खाकी धारी के पैरों पर पड़ी, तो उसने नीले रंग के स्पोर्ट्स शूज पहने हुए थे। इन्हें देखकर व्यापारी को शक हुआ। उसने तुरंत अपने कुछ साथियों को बुलाकर मामले की जानकारी चौकी की पुलिस को दी। चौकी के पुलिसकर्मियों ने किसी भी पुलिसकर्मी के भेजे जाने की बात से इनकार कर दिया।
इसके बाद व्यापारी गय्युर ने अपने साथियों के साथ मिलकर खाकी वर्दीधारी को मौके पर ही पकड़ लिया और उसको थाने में पुलिस के सामने ले आए। इसके बाद पुलिस ने खाकी वर्दी पहने और हाथ में पिस्टल लिए शख्स से पूछताछ की. खाकीवर्दी पहना शख्स संभल जिले के जनाबई थाना इलाके के पुशावली निवासी विष्णु बाबू निकला।
पुलिस ने खाकी वर्दी पहने फर्जी पुलिसकर्मी के पास से मिली पिस्टल की जांच पड़ताल की तो वह पिस्टल भी नकली निकली. इसके बाद पुलिस ने विष्णु बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए फर्जी पुलिसकर्मी का कहना है कि वह खुद पुलिस में भर्ती होना चाहता था लेकिन जब भर्ती नहीं हो सका तो फर्जी तरीके से खाकी वर्दी पहनकर लोगों पर रौब गांठने लगा. उसी फर्जी वर्दी के सहारे उसने पैसे वसूलने का धंधा बना लिया.
आरोपी ने बताई हरिद्वार वाली कहानी
गिरफ्तार किए गए फर्जी पुलिसकर्मी विष्णु का कहना है कि 'मैंने दुकानदार से जाकर कहा था कि यहां पर जुआ मत खेलो और मैं खुद पुलिस से हूं और चौकी पर तैनात हूं। इससे पहले जब मैं हरिद्वार में पकड़ा गया था, तब मैंने खुद को दरोगा बताया था।'
एएसपी आलोक भाटी ने बताया कि कबाड़ का काम करने वाले एक दुकानदार के द्वारा थाने पर पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी गई कि वर्दी पहने एक शख्स ने आकर दुकान पर पांच हजार रुपए की मांग की है. लेकिन वर्दी पहना व्यक्ति केवल 500 रूपये में ही मान गया, तो दुकानदारों को उसे पर शक हुआ. दुकानदार उस व्यक्ति को पकड़कर थाने ले आए. इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. घटना के समय इस व्यक्ति ने वर्दी पहनी हुई थी उसी वर्दी को और पुलिस के बैच को बरामद किया गया है.


No comments:
Post a Comment