तंबाकू नियत्रंण पर उन्मुखीकरण पर कार्यशाला का आयोजन
मेरठ। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को विकास भवन सभागार कलेक्ट्रेट में एक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन अपर जिलाधिकारी (नगर) बृजेश सिंह की अध्यक्षता मे किया गया। जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों की जानकारी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशिक्षित किया गया।
अपर जिलाधिकारी (नगर) द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि वह अपने-अपने कार्यालय को तम्बाकू मुक्त घोषित करते हुए एक नोडल नामित करें और सप्ताह मे एक बार अपने कार्यालय मे प्रवर्तन दल द्वारा निरीक्षण कर उल्लघनकर्ताओं से अर्थदन्ड वसूले और उसकी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रेषित करें। शिक्षा विभाग को निर्देश दिये गये कि समस्त विद्यालय व स्कूलो को तम्बाकू मुक्त घोषित कर रिपोर्ट प्रेषित करें। नगर निगम के अधिकारी को निर्देश दिये गये कि जल्द से जल्द तम्बाकू नियंत्रण लाईसेंस की उप विधि तैयार कर जनपद मे लागू करवाये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कटारिया ने बताया कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट जैसी वस्तुएँ टीबी, कैंसर और हृदय रोग जैसी 40 से अधिक गंभीर बीमारियों का कारण बनती हैं। तंबाकू का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिससे व्यक्ति गंभीर रोगों से ग्रसित हो सकता है और मृत्यु तक हो सकती है
जिला नोडल अधिकारी डॉ. कान्ती प्रसाद ने बताया लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करते हुए बाताया की भारत वर्ष मे 13.5 लाख लोगो की मौत तम्बाकू खाने से हो जाती है साथ ही हर 6 सेकन्ड मे तम्बाकू खाने से एक मौत हो जाती है, एक सिगरेट मे 4000 हजार से ज्यादा विषैले तत्व मिलाये जाते है। जिसकी वजह से व्यक्ति इसको छोडने में असम्मर्थ हो जाता है।
रीजनल कोर्डिनेटर, यूपीवीएचए लखनऊ सुरजीत सिंह ने कोटपा-2003 की धाराओं को विस्तार से समझाया, धारा 4, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध (रू0 200 तक जुर्माना), धारा 5, प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष तंबाकू विज्ञापन पर रोक, धारा 6(क), 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू बेचना अपराध है, धारा 6(ख), शिक्षण संस्थानों से 100 गज के दायरे में बिक्री निषिद्ध है। सुरजीत सिंह रीजनल कोडिनेटर ने बताया कि जनपद में एन्फोर्समेंट कमेटी के गठन, तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान और ग्राम पंचायत के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कटारिया, जिला नोडल अधिकारी डॉ कान्ती प्रसाद, रीजनल कोर्डिनेटर, यूपीवीएचए लखनऊ सुरजीत सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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