जैन समाज को किया शर्मसार -सौरभ जैन सुमन
मेरठ। दिगंबर स्वरूप का मजाक बनाया है अतिशय जैन ने। दिगंबर का मतलब केवल नंगा होना नहीं है अपितु व्यसनों से मुक्त होना है, सर्वस्व तायग्ना है।
कवि सौरभ जैन सुमन ने ने कहा की अक्षय जैन द्वारा किए गए कृत्य से हैं समाज कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने दिगंबर स्वरूप धरने की बार कही, मैं की बात कई और उसी वीडियो में कुछ पलों के बाद दोनो नियम तोड़ दिए। ये अपमान है जैन धर्म का, धर्म की आस्था का। उन्होंने कहा की दिगंबर स्वरूप केवल नंगा होना नही है अपितु भगवान महावीर के पथ का अनुसरण करना है। ये त्याग का पाठ है इसे कोई अपनी राजनीति चमकाने के लिए प्रयोग करे धर्म एवं समाज नही चाहेगी।कवि सौरभ हैं सुमन ने कहा की सुदीप जैन एवं उनके साथी क्रमशः अक्षय हैं अरिहंत, पारस जैन एवं अतिशय जैन ने एंटी भाजपा जैन समाज में माहौल बनाया हुआ है। उसी को बनाए रखें के लिए वो ये सब कर रहे हैं जबकि जैन समाज सदैव भाजपा का ही मतदाता रहा है।


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