मजलिसों में हज़रत अली अकबर की शहादत बयां की 

मेरठ। छः मौहरर्म यह तारीख हज़रत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की शहादत से मन्सूब है। शनिवार को भी सभी अज़ाखानों और इमाम बारगाहों में हुई मजलिसों में हज़रत अली अकबर की शहादत बयां की गयी। इमाम बारगाह तक़ी हुसैन बाज़ार पेड़ामल से कदीमी जुलजनाह का जुलूस सांय 5ः00 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी अकीदत के साथ परम्परागत बरामद हुआ ।
      प्रारम्भ में अन्जुमन इमामिया के नौहेख्वान वाजिद अली गप्पू, चांदमिया, मीसम, रविश ने पुरसौज़ नौहेख्वानी की। रविश ने ‘‘ये ना कहो तुम कभी सिर्फ हमारे हैं हुसैन - हिन्दु मुसलमान क्या सबके हैं प्यारे हुसैन’’ ये नौहा पढ़कर सौहार्द का पैगाम दिया। जुलूस मौहल्ला जाहिदियान इमामबारगाह तथा इमामबारगाह बीरूकुंआ पहुंचा तो वहां मौजूद हिन्दू समुदाय के लोगों ने सम्मानजनक स्वागत किया। जुलूस बुढ़ाना गेट से निर्धारित रास्तों से होता हुआ वापस देर रात्री इसी इमामबारगाह पेड़ामल पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में अंजुमन दस्तये हुसैनी के साहिबे बयाज़ हुमायू अब्बास ताबिश, गिज़ाल रज़ा, नजर मौहम्मद ने तथा तालिब जै़दी के संचालन में तंजीम-ए-अब्बास के सफदर अली, अतीक-उल हसन, काशिफ दारेन ने पुरसौज़ नौहेख्वानी करके हुसैनियत का पैगाम दिया। जुलूस के आयोजक सज्जाद रिज़वी रहे। मौहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज़, सैयद शाह अब्बास सफवी, मीडिया प्रभारी अली हैदर रिज़वी, हाजी शमशाद अली जै़दी, मासूम अस़गर, नियाज़ हुसैन गुड्डू, शकील जै़दी, हैदर अब्बास जुलूस की व्यवस्था सम्भाले हुये थे। जुलूस में बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शरीक रहे। 
इमामबारगाह दरबारे हुसैनी जै़दी फार्म में भी मौलाना नदीम असगर सहब की तकरीर के बाद दिलबर जै़दी के प्रबन्ध में अलम-ए-मुबारक हजरत-ए-अब्बास का जुलूस, बरामद होने पर फाजिल हुसैनी, राजा मन्नू ने ‘‘जैनब लिपट के रोयीं अब्बास के अलम से’’ पुरदर्द नौहा पढ़ा। इस दौरान जावेद रज़ा, अर्शी नकवी, हसन ककरौलवी, नजर मौ0, असद आदि के नौहे सुनकर हुसैनी सौगवारों की आंखें पुरनम हो गयी।
जुलूस पुरानी कोठी से होता हुआ रईस हुसैन के अज़ाखाने जै़दी चैक पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में शहजाद जै़दी, हैदर अली ताजपुरी, हाजी खुर्शीद जैदी, हाजी रफीक हुसैन, नवाब जै़दी, मुजफ्फर अली, अफसर अली सहित बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शामिल रहे।
मौहर्रम कमैटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिज़वी ने बताया कि सात मौहर्रम 14 जुलाई को जुलूस-ए-जुलजनाह छत्ता अली रजा वैली बाजार से सांय 6 बजे तथा राम बाग कालोनी से बाकर जै़दी के अज़ाखाने से मजलिस के बाद 4 बजे जुलूस-ए-अलम बरामद होगा। 

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