विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान : शिक्षकों सहित विद्यार्थियों का किया गया संवेदीकरण


जीजीआईसी विजयनगर और गुरु नानक इंटर कॉलेज में हुए संवेदीकरण कार्यक्रम

- वेक्टर जनित रोगों से बचाव की विस्तार से दी गई जानकारी

- मच्छरों पर अंकुश लगाने के लिए घर और आसपास जल जमाव न होने दें


गाजियाबाद, 07 अक्टूबर, 2023। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत शनिवार को विभिन्न स्कूल -कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर संचारी रोगों के प्रति छात्र - छात्राओं और शिक्षकों का संवेदीकरण किया गया। मुख्य कार्यक्रम राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी), विजयनगर और गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज, लोहियानगर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) जीके मिश्रा ने बताया - 31 अक्टूबर तक संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निकाय, ग्राम विकास विभाग, शिक्षा विभाग और सिंचाई विभाग समेत 13 विभाग जुटे हुए हैं। इस विशेष अभियान का मूल उद्देश्य लोगों का वेक्टर (मच्छर) जनित रोगों के प्रति संवेदीकरण करना है ताकि लोग जागरूक होकर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे रोगों से अपना बचाव कर सकें।

जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा - मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए जरूरी है मच्छरों से बचाव। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर जनित परिस्थितियों पर अंकुश लगाना है ताकि मच्छर पैदा ही न होने पाएं। इसके लिए सबसे साधारण और मूल उपाय यह है कि घर के अंदर या घर के आसपास पानी का जमाव न होने दें। डेंगू के संक्रमण के लिए जिम्मेदार मादा एडीज मच्छर घर के अंदर साफ पानी में अंडे देती है।

डीएमओ ने बताया - अंडे से लार्वा बनने में करीब एक सप्ताह का समय लगता है। लार्वा से मच्छर बनने में चार दिन का समय लगता है और अगले दो दिन में मच्छर उड़ने लगता है। जब मच्छर उड़ने लगता है तो उस पर नियंत्रण मुश्किल है, इसलिए अंडे या लार्वा पर ही प्रभावी गतिविधि करनी होगी। इसके लिए सबसे साधारण सा उपाय है, एक सप्ताह से पहले ही पानी बदल दें। घर में रखे फूलदानों, कूलर, एसी और फ्रिज की ट्रे को तीन से चार दिन में साफ करते रहें ताकि अंडे से लार्वा न बनने पाए। “हर रविवार मच्छर पर वार” का स्लोगन भी तो यही बताता है।

उन्होंने बताया - पानी यदि घर के बाहर जमा होगा तो उसमें मलेरिया के लिए जिम्मेदार एनाफिलीज मच्छर पैदा होगा। इसलिए नालियों में पानी न रुकने दें। यदि पानी रुका है तो मिट्टी का तेल डाल दें। इस संबंध में संबंधित नगर निकाय को सूचित करें या फिर मलेरिया विभाग को जानकारी दें। पूरे शरीर को ढकने वाले ढीले कपड़े पहनें और रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। सहायक मलेरिया अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया - एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पैदा होता है और दिन के समय (खासकर सुबह के समय) काटता है।
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आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी दी 
आयुष्मान भारत योजना के शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी सोनू प्रकाश ने कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा - एक राशन कार्ड पर छह या उससे अधिक सदस्य होने पर सरकार आयुष्मान भारत योजना का लाभ दे रही है। इसके अलावा यदि किसी राशन कार्ड पर अंकित सभी सदस्यों की आयु 60 वर्ष से अधिक है तो उन्हें भी योजना का लाभार्थी बनाया गया है। सभी लाभार्थी समय से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लें ताकि जरूरत पड़ने पर वह पांच लाख तक का उपचार प्राप्त करने के हकदार हो सकें। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कोई शुल्क देय नहीं है।


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