भ्रम को करें दूर, टीकाकरण कराएं जरूर
मिशन इंद्रधनुष-05 का आखिरी चरण कल से
14 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, 9408 बच्चों व 2021 गर्भवती को किया जाएगा प्रतिरक्षित
दूसरे चरण में 1006 सत्रों में 8116 बच्चों व 3012 गर्भवती का हुआ टीकाकरण
नोएडा, 7 अक्टूबर 2023। किसी के बहकावे में न आयें और न ही भ्रम में पड़ें। टीकाकरण से स्वास्थ्य को केवल फायदा होता है, किसी भी तरह का नुकसान नहीं। टीकाकरण बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से भी बचाता है। टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के लिए चलाये जाने वाले अभियान मिशन इंद्रधनुष-05 का तीसरा और आखिरी चरण सोमवार (9 अक्टूबर) से शुरू हो रहा है। सभी बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण कराएं और कई जानलेवा बीमारियों से बचाएं। यह अपील उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. उबेद कुरैशी ने जनपदवासियों से की है।
डा. कुरैशी ने बताया- विशेष टीकाकरण अभियान मिशन इंद्र धनुष-5.0 में टीकाकरण से छूटे हुए शून्य से पांच साल तक के बच्चों व गर्भवती का टीकाकरण किया जा रहा है। इसका पहला चरण सात से 12 अगस्त तक और दूसरा चरण 11 से 16 सितम्बर तक चला। उन्होंने बताया अभियान के आखिरी चरण में 9408 बच्चों और 2021 गर्भवती को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
डा. कुरैशी ने बताया- मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण का विशेष अभियान है। इसमें टीकाकरण से छूटे बच्चों व गर्भवती को प्रतिरक्षित किया जाता है। नियमित टीकाकरण के लिए जनपद में सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर व्यवस्था है। शहरी क्षेत्रों में शून्य से पांच साल तक के सभी बच्चों के लिए प्रतिदिन टीकाकरण की व्यवस्था की गयी है। रविवार समेत सभी सातों दिन जिला संयुक्त अस्पताल में टीकाकरण किया जाता है। मंगलवार से रविवार तक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। कहीं भी बच्चे को टीका लगवा सकते हैं। इसके अलावा टीकाकरण से छूटे बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए समय- समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं।
जिला वैक्सीन भंडार प्रबंधक अखिलेश कुमार ने बताया- दूसरे चरण में 1006 नियोजित सत्र आयोजित किये गये। 8116 बच्चों व 3012 गर्भवती का टीकाकरण किया गया। पहले चरण में 9383 बच्चों और 3365 गर्भवती का टीकाकरण किया गया। मीजल्स-रूबेला से प्रतिरक्षित करने के लिए 2140 बच्चों को एमआर-1 और 1861 बच्चों को एमआर-2 का टीका लगा।
5 साल- 7 बार,12 बीमारियों पर वार
डा. कुरैशी ने बताया- बच्चे के जन्म के समय- पहली बार, डेढ़ महीने पर- दूसरी बार, ढाई महीने पर- तीसरी बार, साढ़े तीन महीने पर- चौथीबार, नौ से 12 माह पर- पांचवीं बार, 16 से 24 महीने पर छठवीं बार और पांच साल पर सातवीं बार टीकाकरण होना जरूरी है। बच्चों को बीमारियों से बचाना है, उनका जीवन खुशहाल बनाना है तो टीकाकरण समय से जरूर कराएं। गौरतलब है कि जनपद में 11 बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है। जेई वैक्सीन सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश के चुने हुए जिलों में लगाई जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह बीमारी नहीं है।
गर्भवती को लगता है टीडी का टीका
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती को टिटनेस-डिप्थीरिया का टीका लगाया जाता है। यह टीका गर्भवती और गर्भस्थ शिशु को टिटनेस और गलघोंटू जैसी बीमारी से प्रतिरक्षित करता है। उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने अपील की है कि जो भी बच्चे नियमित टीकाकरण से छूट गये हैं उनके अभिभावक उनको प्रतिरक्षित अवश्य कराएं।
गलतफहमी के चलते बचते हैं टीकाकरण से
डा. कुरैशी का कहना है कि तमाम जागरूकता परक कार्यक्रम चलाने के बावजूद कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने बच्चों को कुछ गलतफहमी और भ्रम के चलते टीका नहीं लगवाते हैं। टीकाकरण के बाद होने वाले प्रभाव जैसे बुखार आना, सूजन आना, जी मिचलाने आदि के डर के कारण बच्चों को टीकाकरण से वंचित रखते हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग इन सबका समुचित प्रबंधन करता है। कुछ बच्चे टीकाकरण के समय घर पर न मिलने के कारण वंचित रह जाते हैं।


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