सरकारी अस्पताल में चढ़ाई गई ड्रिप झोलाछाप से निकलवानी पड़ी
हाथरस।वैसे तो जिले भर में स्वास्थ्य सेवाओं का हल बेहाल है।हसायन कस्बा में आज अजब गजब नजर दखने को मिला।जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने आया व्यक्ति ड्रिप लगने के बाद खत्म होने पर उसे लेकर बाहर घूमता नजर आया।एक व्यक्ति का कहना था कि ड्रिप पूरी चढ़ने के बाद अस्पताल में उसे निकाले वाला कोई नहीं था इसलिए इसे वह झोला छाप से निकलवाने जा रहा है।
इन दिनों बुखार पीड़ितों की अधिक संख्या होने की वजह से स्वास्थ्य में महकमे को निर्देश है कि वह अपनी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखें लेकिन इसके बाद भी महक में के लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।कस्बा हसायन के मोहल्ला कोलियांन का एक उपेंद्र कुमार सक्सेना पुत्र रामगोपाल सक्सेना बखर आने पर हसायन के सरकारी अस्पताल गया था।
वहां उसे बोतल तो चढ़ा दी गई। मगर बोतल चढ़ने के बाद इसकी ड्रिप(बोतल) निकालने के लिए कोई कर्मचारी नहीं था। काफी इंतजार के बाद मरीज अपनी पत्नी के साथ उक्त बोतल को हाथ में लिए कस्बा के मुख्य बाजार में आकर प्राइवेट अस्पताल में बोतल निकाल कर उपचार कराया गया।
अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि बोतल के साथ गया व्यक्ति नशे बाज है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोई व्यक्ति नशा करने का आदी हो या नशे में हो तो उसका इलाज ठीक ढंग से नहीं किया जाएगा।


No comments:
Post a Comment