घर लौटी विजेता बेटियों  का मेरठ में जोरदार स्वागत 

 पारूल ने पिता का पहनाया सिल्वर व गोल्ड पदक 

केन्द्रीय मंत्री समेत भाजपा ने विजय तिलक लगाकर किया स्वागत 

मेरठ। चीन में चल रहे एशियन खेल में देश को गोल्ड मैडल दिलाने वाली  मेरठ की   बेटी अन्न, पारूल व किरण बालियान का मेरठ में पहुंचने पर शानदार तरीके से स्वागत किया गया।  मेरठ के बेटी पारूल चौधरी ने जैसे ही मेरठ की धरती पर कदम रखा बेटी ने अपने दोनो सिल्वर व गोल्ड पदक अपने गले से उतार कर अपने पिता के गले में डाल दिये। यह दृश्य सभी भावुक हो उठे। 

पारूल ने कहा दोनो पदक पिता कृष्णपाल को समर्पित है जिस तरह पिता ने उसकी सेवा करने के साथ उसकी परवरिश की है। यह उसी का नतीजा है कि आज देश को दो मेडल उन्होंने दिलाए है। पारूल ने तीन हजार मीटर स्टपेल चेज में रजत व पांच हजार मीटर की दौड में स्वर्ण पदक हासिल किया है। दो पदक जीतने वाली पारूल देश की चुनिंदा एथलीट में शामिल है। पारूल ने कहा उसका अगला लक्ष्य ओलंपिक है और पेरिस ओलंपिक में भारत का तिरंगा शान से लहराएंगी। 

पारुल चौधरी ने कहा कि हमारे देश के पीएम और सीएम खिलाड़ियों के लिए बहुत अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने बहुत अच्छी पॉलिसी निकाली है खिलाड़ियों के लिए इसका लाभ मिल रहा है। 2018 के एशियन गेम्स में जो मेहनत नहीं कर पाई उसे मैंने सोच रखा था कि इस बार मेडल लेकर आऊंगी। 10 सेकेंड लास्ट लेप में जैसे आगे पहुंची वो अनुभव बहुत अच्छा था। मैं खाकी वर्दी पहनूं इस मेडल के जरिए मैंने अपने उस सपने को पूरा किया है।

पारुल ने एशियन गेम्स में 3 हजार मीटर स्टेपल चेज इवेंट में सिल्वर और महिलाओं की 5 हजार मीटर की रेस में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। वहीं एशियन गेम्स में वुमेंस शॉटपुट में भारत को पहली बार मेडल दिलवाने वाली किरण बालियान का भी भव्य स्वागत किया गया। पारुल ने कहा कि गांव की लड़कियों अगर अच्छी तरह से मेहनत करें, अनुशासित रहें और अपने काम पर फोकस करें तो वो देश का नाम रोशन करेंगी। गांव की लड़कियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जैसे ही पारूल 



वही इससे पूर्व  शनिवार को सबसे पहले एशियन गेम्स में जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीतकर मेरठ लौटीं अन्नु रानी के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान अन्नु ओपन जीप में सवार होकर जब कंकड़खेड़ा से अपने गांव बहादरपुर के लिए निकलीं, तो उन पर फूलों की वर्षा की गई। उनके पीछे सैकड़ों की संख्या में कार और बाइक चल रही थी। जबकि लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर उन्हें बधाई दे रहे थे। मेरठ पहुंचने के बाद अन्नु का जोरदार स्वागत किया गया।



अन्नु रानी शुक्रवार देर रात ही मेरठ पहुंच गईं थीं। लेकिन वह किसी से मिल नहीं पाईं। लोगों को जब उनके पहुंचने की सूचना मिली तो शनिवार सुबह से ही उनसे मिलने वालों का जबरदस्त उत्साह दिखा। इसके बाद उनके सम्मान में रोड शो निकाला गया।इतना ही नहीं अन्नु ने कालोनी के बच्चों से मिलकर उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से कहा- वो भी आगे बढ़ें। खेले, मेहनत करें और देश का नाम रोशन करें। अन्नु और पारुल दोनों के घर पर उनके स्वागत की जोरदार तैयारी की गई । भाजपा नेताओं ने अन्नू का चांदी मुकुट पहनाकर स्वागत किया। 



वही देश को गोला फेंक में कांस्य पदक दिलाने वाले किरण बालियान भी मेरठ पहुंची। उनका स्वागत ढोल नगाडें के साथ किया गया। उनके स्वागत के लिए समूचा  शहर उमड पडा। बालियान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब वह परफारमेंस कर रही उसके  जेहन में एक चीज थी कि देश को पदल दिलाना है। उन्हें यह मालूम नहीं था कि 72 साल का सूखा गोला फेंक प्रतियोगिता में वह दूर करने जा रही है। किरण बालियान ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि खेलों को आगे बढाने के लिए बहुत सार्थक प्रयास किए जा रहे है। यह पदक उनके प्रयासों का नजीता है। 

बता दें कि एशियन गेम्स में चीन के हांगझाऊं से पदक जीतकर खिलाड़ी वतन लौटने लगे हैं। यहां मेरठ की धरती पर उनका जोरदार स्वागत किया जा रहा है। मेरठ के खिलाड़ियों ने इस बार एशियन गेम्स में पदकों की झड़ी लगाई है। देश की झोली में 6 मेडल देकर नाम रोशन किया है। पदक जीतने वाली अन्नु रानी, पारुल चौधरी, आकाश, किरन सभी को आगामी दस अक्टूबर को पीएम द्वारा सम्मानित किया जाएगा।​​​​​​ वहीं सीमा पूनिया अंतिल मेरठ नहीं आएंगी।



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