कर्मचारियों के वेतन के लाभ के भुगतान की एवज में कमीशन मांगने का  पिलखुवा नगर पालिका पर लगा आरोप

 हापुड । पिलखुवा में पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों व अक्सर विभिन्न विवादों से घिरी चर्चित रहने वाली  नगर पालिका परिषद पिलखुवा मे एक बार फिर कर्मचारियों के वेतन के लाभ के भुगतान की एवज में कमीशन मांगने का आरोप लगा है‌। 
     नगर पालिका परिषद में फिटर के पद पर तैनात राजेश कुमार ने जिलाधिकारी हापुड व पुलिस अधीक्षक हापुड़ को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि लेखाकार नवजीव सक्सेना  भुगतान नहीं करता ठेकेदारों का लंबित भुगतान की एवज मे मोटा कमीशन एवं कर्मचारियों के वेतन के लंबित लाभ देने के की एवज मे 10 प्रतिशत लिए बिना भुगतान नहीं करता । कोई कार्यवाही न होने पर मजबूरी में राजेश फिटर को  उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण मे जाना पड़ा जिसमे आदेश हुआ कि राजेश फिटर का भुगतान करे।
 राजेश फिटर् का कहना है कि मुझे एसीपी का कोई लाभ नहीं मिला जो लाभ मिला है वो उच्चीकृत वेतनमान का लाभ मिला है और वाहन भत्ता स्वीकृत हुआ नवजीव्व सक्सेना लेखाकार को कमीशन न दे पाने के कारण मुझे वाहन भत्ता और मकान किराया भत्ता की कटौती काटकर भुगतान किया गया है आज नगर पालिका द्वारा अपना जवाब दाखिल किया है उनके जवाब के अनुसार में भी अपना जवाब लगायुंगा और न्याय की गुहार लगाऊगा
 वहीं  निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने  जिनमे अजय वत्स, दीपक कंसल,अजीत सिंह (प्रधान ),मनीष अग्रवाल ,गजेंद्र राठी, मौ.शाहिद आदि ने अपने पुराने भुगतान कराए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी से हापुड़ कार्यालय जाकर पत्र देकर अपने अपने भुगतान की मांग की जा चुकी हैं। उक्त ठेकेदार उच्च न्यायालय की शरण में जाने का मन बना रहे हैं। लेखाकार नवजीव सक्सेना पर राष्ट्र ध्वज पैरों में रखें जाने की राष्ट्रपति कार्यालय से आदेश के मामले में जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। बता दें  कि सन् 2020 नगर पालिका परिषद में एंटीकरप्शन मेरठ ईकाई  द्वारा छापा मारा गया था ओर 3 फरवरी 2020 को कोतवाली पिलखुवा मे मुकदमा दर्ज कराया गया था जो मेरठ न्यायालय में आज भी विचाराधीन है।

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