4 साल बाद धरा गया दुष्कर्म का आरोपी
आगरा में डा शानू के नाम से चला रहा था क्लीनक
हाथरस। हाथरस पुलिस ने चार साल से फरार चल रहे दुष्कर्म के आराेपी को गिरफ्तार किया है। उस पर 20 हजार रुपए का इनाम भी था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पहले मेडिकल स्टोर पर काम किया।बाद मे आगरा में डा शानू के नाम से क्लीनक चला रहा था। गिरफ्तारी के सम्बन्ध में थाना कोतवाली सासनी पुलिस द्वारा आगे कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पाण्डेय के निर्देशन में जनपद में अपराध की रोकथाम व वांछित/पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत मंगलवार को एसओजी टीम के प्रयास व टेक्निकल इंटेलिजेन्स की मदद से वर्ष 2019 से बलात्कार के अभियोग में वांछित चल रहे असलम उर्फ शान मौहम्मद पुत्र पुत्र हनीफ खान को आरजी मेडिकल स्टोर भवानीपुर बल्ली थाना सहसवान जनपद बदांयू के पास से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के सम्बन्ध में थाना कोतवाली सासनी पुलिस द्वारा आगे कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक असलम ने पूछताछ पर जुर्म का इकबाल करते हुये बताया कि वह गिरफ्तारी के डर से अपना गांव छोड़कर पूर्व में आगरा में रहकर मेडिकल स्टोर पर काम कर रहा था।उसके बाद वह दिल्ली चला गया और अब ग्राम हिण्डोल थाना सहसवान जनपद बदाँयू में नाम बदलकर डॉ शानू के नाम से क्लिनिक चला रहा था। इस क्षेत्र में डॉ शानू आगरा वालों के नाम से प्रसिद्ध था।
नाैकरी दिलाने के नाम पर युवती की लूटीथी अस्मत
30 अक्टूबर 2019 को एक युवती ने थाना सासनी पर सूचना दी थी कि 02 अगस्त 2018 को असलम उर्फ शान मौहम्मद पुत्र पुत्र हनीफ खान निवासी नानऊ थाना सादाबाद जनपद हाथरस उसको नोएडा में नौकरी दिलाने के बहाने से अपने साथ ले गया । वहां पर उसे डरा धमकाकर उसके साथ गलत काम किया विरोध करने पर मारपीट की। जिसके संबंध में थाना सासनी पर धारा 376,342,323,506, 120बी के तहत पंजीकृत किया गया। अभियुक्त असलम उर्फ शान महोम्मद के विरुद्ध धारा 83 सीआरपीसी की कार्यवाही 25 जून 2020 को की गयी। गिरफ्तारी न होने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए 07 दिसम्बर 2020 को पुलिस अधीक्षक ने उस पर दस हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था जिसको बढ़ाकर पुलिस अधीक्षक ने 20 हजार रुपये कर दिया था।


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