173 पार्किंग ठेका निरस्त अब दोबारा होगा टेंडर
टेंडर के खेल में राजस्व विभाग को हो रही लाखों की हानि
मेरठ। कैंट बोर्ड पार्किंग ठेका बांग्ला नंबर 173 पवन कुमार के नाम 11 लाख 80 हजार में छूटा था लगभग दो महीने बाद यह ठेका पवन कुमार ने कैंसिल कर दिया बताया गया है कि ठेकेदार पवन कुमार ने राजस्व विभाग में पैसा जमा नहीं किया अब इसका टेंडर 16 अक्टूबर को दोबारा निकाला जाएगा ।
इस मामले में एक शिकायत कर्ता ने राजस्व विभाग को हानि पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उक्त ठेकेदार ही पिछले लगभग 5-6 वर्षों से अलग-अलग कंपनियों के नाम से बंगला 173 में पार्किंग ठेका चलता आ रहा है आरोप है कि ये ठेकेदार अन्य किसी को ठेका न जाए इसलिए बढ़-चढ़कर बोली लगता है ताकि इस ठेके में रहकर पुराने रेटों पर तीन-चार महीने निकाल देता है और फिर ऊंची बोली में प्राप्त लिए नये ठेके कैंसिल कर देता है जिससे छावनी परिषद राजस्व विभाग को लाखों रुपए की हानि हो रही है शिकायतकर्ता ने बताया इस ठेके की सिक्योरिटी राशि पच्चीस हजार रुपए जब्त होती है जो छावनी परिषद के खाते चली जाती है। आरोप है की विभाग के सह पर इसी की आड़ में ठेकेदार लगभग तीन चार महीने वही पुराने ठेके के रेट पर चलाकर लगभग लाखों रुपए की कमाई कर लेता है बताया गया कि यह खेल तीन-चार सालों से खेला जा रहा है विभाग इन फर्म को बैल्क लिस्ट नहीं करता और इस तरह से कैंट बोर्ड को लगभग 10-12 लाख रुपए का अब तक नुकसान हो चुका है । बता दें यह ठेका पहले के मुकाबले तीन गुना अधिक में छुटा था, बड़ी बोली पर पिछली बोर्ड बैठक में बोर्ड अध्यक्ष ने इस चिंता जाहिर की थी आपको बता दें पिछली बार यह ठेका चार लाख अस्सी हज़ार में था जो अब ग्यारह लाख अस्सी हज़ार में छुटा था लेकिन अब निरस्त हो गया है। इसके निरस्त होने की चर्चा ठेके दारो के बीच शुरू से थी।
रितेश कुमार, राजस्व विभाग अधिकारी छावनी परिषद का कहना है किआरोप गलत व बेबुनियाद है ठेका ऑनलाइन प्रक्रिया से हो रहा है अगर कोई फर्म ठेका निरस्त की प्रक्रिया बार बार करता है तो उसका संज्ञान विभाग नियमानुसार लेता है। उन्होंने बताया ठेका निरस्त अंतराल के बीच के समय छावनी परिषद स्वयं चलाता है या इसके लिए वह एक्टिव व्यक्ति जो उसे पहले से चला रहा होता है उससे भी काम ले सकता है।


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