अनुदानित कालेजों में बायोमैट्रिक हाजरी से बिफरे शिक्षक 

 आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए किया कालेज के बाहर प्रदर्शन

हापुड । शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा अनुदानित महाविद्यालयों में प्राचार्य शिक्षकों व कर्मचारियों की  बाॅयोमैट्रिक हाजरी पर शिक्षक समुदाय बिफर गया है। बुधवार को चौ‍धरी चरण विवि संघ के अध्यक्ष पंकज शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कालेज के बाहर प्रदर्शन करते हुए इसे तुगलकी फरमान बताया है। शिक्षकों ने 21 अगस्त तक इसके विरोध में काली पटटी बांधकर काम करने का निर्णय लिया है। 

चौ . चरण सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ( मूटा ) डॉ पंकज शर्मा अध्यक्ष  कार्यकारिणी उपाध्यक्ष डॉ अजीत सिंह डॉ सुभाषिनी शर्मा डॉ रजनी गोयल कोषाध्यक्ष डॉ अनुराधा सिंह संयुक्त सचिव डॉ राहुल धामा डॉ कौशल प्रताप सिंह डॉ पीयूष त्रिपाठी फुपुक्ट । प्रतिनिधि डॉ सचिन शर्मा डॉ जयंत तेवतिया  ने बताया कि शिक्षा निदेशक ( उच्च शिक्षा ) उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय के पत्र पत्रांक : 878-1216 / 2023-24  08-08-2023 के अनुसार  अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य , शिक्षकों , कर्मचारियों तथा छात्र छात्राओं की उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है । शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा के इस तुगलकी फरमान का उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ घोर भर्त्सना करता है । शिक्षा निदेशक का यह आदेश निजीकरण को प्रश्रय देने वाला और सभी को सहज , सरल एवं समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की संवैधानिक भावना का उल्लंघन है । उन्होंने बताया कि आदेश  के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है । उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ द्वारा निर्गत पत्र के निर्देशानुसार आंदोलन के प्रथम चरण में 16 अगस्त 2023 से दिनांक 21 अगस्त तक समस्त शिक्षक साथी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे ।  शासन की इस तानाशाही नीति के खिलाफ अपने यहां के समाचार पत्र में प्रेस विज्ञप्ति जारी करेंगे।  22 अगस्त को सभी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ पर भारी संख्या में उपस्थित होकर धरना देंगे और शासन की उच्च शिक्षा विरोधी नीति के खिलाफ महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन  कुलपति के माध्यम से देंगे ।  

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