नवनियुक्त आशा कार्यकर्ताओं का आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम :
कार्यक्रम के चौथे दिन टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की दी गई जानकारी
हापुड़, 14 अगस्त, 2023। जनपद के हापुड़ और गढ़ ब्लॉक में नव नियुक्त 30 आशा कार्यकर्ताओं का आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला महिला चिकित्सालय (पीपीसी - कोठीगेट) पर चल रहा है। सोमवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी के साथ प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करने पहुंचे और विस्तार से टीबी की पहचान, उपचार और क्षय रोगियों के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ट्रेनर डा. सतीश डोभाल, प्रिंयका और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ) गढ़मुक्तेश्वर शैलेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
डीटीओ डा. राजेश सिंह ने बताया - किसी भी व्यक्ति को यदि दो सप्ताह से अधिक खांसी है, खांसते समय बलगम या खून आता है, वजन कम हो रहा है, थकान रहती है और शाम के समय बुखार आता है, रात में सोते समय पसीना आता है या सीने में दर्द रहता है तो यह लक्षण टीबी के हो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति की टीबी की जांच करानी चाहिए। टीबी की जांच और उपचार की सुविधा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। सामान्य परिस्थितियों में छह माह के नियमित उपचार के बाद टीबी ठीक हो जाती है। क्षय रोगियों को अच्छे खानपान की जरूरत होती है। उच्च प्रोटीन युक्त भोजन लेने से उपचार में काफी मदद मिलती है।
जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने बताया - क्षय रोगियों को सरकार की ओर से निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह पांच सौ रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जाता है। सरकार की ओर से यह राशि क्षय रोगी को उपचार जारी रहने तक बेहतर खानपान के लिए दी जाती है। निक्षय पोषण योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए क्षय रोगी मोबाइल नंबर, अपनी बैंक पास बुक और आधार कार्ड की प्रति पंजीकरण के समय अवश्य उपलब्ध कराएं।
जननांग टीबी महिला और पुरुष दोनों को प्रभावित कर सकती है : डा. योगेश गुप्ता
पीपीसी- कोठीगेट प्रभारी डा. योगेश गुप्ता ने आशा प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए जननांग टीबी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया - टीबी बालों और नाखूनों को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। फेफड़ों में होने वाली टीबी पल्मोनरी और किसी अन्य अंग में होने वाली टीबी को एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी कहते हैं। जननांग टीबी में महिला या पुरुष के जननांग पर सूजन या लालिमा आ सकती है, सूजन आ सकती है फिर रक्तस्राव भी हो सकता है। अन्य लक्षण पल्मोनरी टीबी से मिलते जुलते हो सकते हैं। जननांग टीबी एचआईवी पॉजिटिव को होने का खतरा ज्यादा रहता है। यह त्वचा के संपर्क और संभोग से फैलती है।
फील्ड में जाएं तो आमजन को बताएं टीबी पूरी तरह साध्य है : डा. राजेश सिंह
डीटीओ डा. राजेश सिंह ने नवनियुक्त आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा - जब वह फील्ड में जाएं तो आमजन को इस बात की जानकारी अवश्य दें कि टीबी अन्य बीमारियों की तरह ही है, इसे छिपाएं नहीं बल्कि समय से उपचार कराएं। नियमित रूप से उपचार करने पर टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है और रोगी पहले की तरह सामान्य जीवन जी सकता है। उन्हें बताएं कि टीबी का कोई भी लक्षण आने पर निसंकोच जांच कराएं। जांच में पुष्टि होने पर अपने सभी परिजनों की जांच कराना न भूलें।







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