बेवसीरीज देखकर कारोबारी के घर 8 करोड़ लूटे

 विरोध किया तो पति-पत्नी मारी थी गोली , पुलिस ने 500 CCTV खंगालकर पकड़ा

 किराएदार बन कर मकान की रैकी की थी , मुख्य आरोपी कानून का छात्र दूसरा आठवी पास 

मेरठ।जैन दंपति की हत्या, लूटकांड में शनिवार को पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर घटना का खुलासा कर दिया है। दोनों आरोपियों नेअसुर बेवसीरीज देखकर उन्होंने इस लूट, हत्याकांड की योजना बनाई थी। पिछले 2 साल से वो डीके जैन के मकान की रेकी कर रहे थे। असुर बेवसीरीज देखकर लूट की प्लानिंग बनाई। किराएदार बन कर घर में घुस कर रैकी थी 10 किमी के एरिया में पुलिस ने 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले और आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों ने बताया कि वो लूट की रकम से कारोबार शुरू करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपराध का रास्ता चुना। यूट्यूब से तिजोरी काटना सीखा। लूट की नकदी और जेवर की कीमत करीब 8 करोड़ है।पुलिस ने 48 घंटे के अंदर केस खोला। 

 पुलिस लाइन में मीडिया को जानकारी देते हुए एसएसपी राेहित सजवान ने बताया । डबल मर्डर कांड में मुख्य आरोपी मेरठ प्रेमपुरी निवासी प्रियांक शर्मा उर्फ पारुष और यश शर्मा उर्फ यशु को गिरफ्तार किया है। प्रियांक LLB का छात्र है। उसका दोस्त यश 8वीं पास है, वह इन दिनों बैट्री की दुकान पर नौकरी करता है। प्रियांक ने यश को योजना का हिस्सा बनाया। दोनों ने वारदात की है। यश मुख्य रूप से रोहटा रोड ढ़डरा गांव का रहने वाला है, लेकिन इस समय स्पोर्ट्स कारोबारी के घर से डेढ़ किमी दूर प्रेमपुरी में नवीन बंसल के मकान में किराए पर रह रहा था। दोनों में लूट की रकम आधा-आधा बांटने की योजना बनी थी। दोनों ने इससे पहले कोई आपराधिक घटना नहीं की थी।


पूछताछ में पकडे गये आरोपियों ने पुलिस को बताया कि असुर बेवसीरीज देखकर घटना की योजना बनाई थी। 2020 में असुर बेवसीरीज का पार्ट वन आया था। उसे देखने के बाद से वो अपनी लूट की प्लानिंग करने लगे। घटना के लिए उन्होंने बाइक की नंबर प्लेट बदली, मुंह पर मास्क, हेलमेट लगाया। बाइक की नंबर प्लेट बदलने के लिए ओएल एक्स  पर बाइक के नंबर चेक किए। इसी मॉडल की बाइक का नंबर प्रयोग किया, ताकि ऐप पर चेक करने पर दूसरी बाइक दिखाई न दे।यूट्यूब से दोनों आरोपियों ने तिजोरी को ग्राइंडर से कैसे काटना है, यह सीख लिया। 2022 में बागपत अड्‌डे के पास से ग्राइंडर खरीदकर रख लिया था। घटना के वक्त दोनों घर में घुसे, उसी तरह तिजोरी काटकर लूट कर ली।

उन्होंने बताया कि पिछले 2 साल से जैन के घर की रेकी कर रहे थे। वो तय कर चुके थे कि उन्हें लूट कर मोटा माल उठाना है। इलाके में उन्होंने तमाम घर छांटे, लेकिन कहीं भीड़, कहीं सीसीटीवी उनके काम में आड़े आ जाता। जब जैन के घर की रेकी की तो देखा कि आसपास सीसीटीवी  नहीं लगा। घर सड़क पर होकर भी सुबह-सुबह इलाका सुनसान रहता है। सड़क से घर के अंदर बेडरूम तक दिखाई देता है। इसलिए दो साल तक आरोपियों ने मकान, फैक्ट्री, बच्चों के स्कूल से लेकर कंपनी बाग तक रेकी कर डाली।

रेकी में चेक किया कि घर में कितने सदस्य हैं? कब आते-जाते हैं? कहां जाते हैं? देखा कि सुबह बड़ा बेटा नवीन, पत्नी और बच्चे मेन गेट खोलकर स्कूल फिर कंपनी बाग जाते हैं। घर में जैन दंपति रह जाते हैं। दरवाजा खुला रहता है। दूधिया आता है। खुद रसोई में दूध रखकर चला जाता है। घर का दरवाजा बंद नहीं होता। आरोपियों ने कारोबारी के बेटा, बहू के घर से स्कूल और कंपनी बाग जाने की भी रेकी कर डाली।बेटा, बहू कितने बजे घर से निकलते हैं? कहां से जाते हैं? कहां रुकते हैं? सब देखा। कंपनी बाग में रुकने का समय गर्मी, सर्दी के अनुसार चेक किया। सेंट मेरीज और एमपीजीएस स्कूल के बाहर घंटों खड़े होकर बच्चों के आने जाने की टाइमिंग भी मौसम के हिसाब से चेक करते रहे। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।

उन्होंने बतायाकि सोमवार को बाजार बंद रहता है तो प्रियांक जैन के घर के बाहर सड़क पार एक दुकान के बाहर कुर्सी डालकर अक्सर बैठ जाता। वहां से घर को ताकता रहता। घर में कौन कब आ-जा रहा, देखता रहता। हर सोमवार इलाके में क्या माहौल और सुरक्षा रहती है, यह देखता था। 3 महीने तक उसने इस तरह घर की पूरी रेकी कर डाली। घर में आने-जाने वाले हर आदमी की सारी जानकारी, समय की जानकारी कर ली।

मुख्य आरोपी प्रियांक ने बताया कि वारदात से 2 दिन पहले डीके जैन के घर किराएदार बनकर पहुंचा। उसने घर में अंदर घुसकर किराए के लिए कमरा पूछा। इसी बहाने बातों-बातों में बेडरूम, अलमारी तक रेकी कर डाली।

प्रियांक ने बताया कि बुजुर्ग दंपति को कमरे में बंद करने का प्लान था, लेकिन बुजुर्ग ने बदमाशों को देखकर विरोध किया तो गोली चलानी पड़ी। गोली डीके जैन को लगी, बाद में गोली अंजू जैन को लगी। घटना के बाद प्रेमपुरी में घर जाकर कपड़े बदल दिए। आरोपी पकड़ में न आएं, पहचान न हो इसलिए दोनों ने दो अलग वाहनों से जाने का प्लान बनाया था।

घटना के बाद दोनों रेलवे रोड तक साथ बाइक पर आए। इसके बाद यश ई-रिक्शा और प्रियांक बाइक से निकले। घर पहुंचने को सीधा रास्ता नहीं, बल्कि घुमावदार लंबा रास्ता कैंट वाला चुना। घंटाघर, वैली बाजार, गौरीपुरा से डिग्गी चौराहा होते हुए प्रेमपुरी वापस आए। काफी ट्रैवल किया ताकि किसी को शक न हो।

आरोपियों से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हुई बाइक, .32 बोर का तमंचा, चाकू बरामद किया है। अवैध तमंचा प्रियांक को उसके पुराने दोस्त ने दिया था। दरअसल प्रियांक पहले एक अन्य युवक के साथ वारदात करने की योजना बना चुका था। उसी ने प्रियांक को यह अवैध असलहा दिया था। लेकिन, उस युवक की दुर्घटना में मौत हो गई, उसका हथियार प्रियांक के पास रखा था। उसी तमंचे से उसने जैन दंपत्ति पर गोली चलाई। प्रियांक शर्मा ने गोली मारी है।

एसएसपी ने बताया कि डीके जैन शहर के बड़े उद्यमियों में शामिल हैं। घर में मोटा पैसा होने के कारण आरोपियों ने इस घर को वारदात के लिए चुना। जैन के घर से 8 करोड़ से ज्यादा गहने और नकदी की लूट की है। लगभग 23 हजार नकदी और सोने, चांदी और हीरे के जेवरात लूटे। पुलिस ने सामान बरामद किया है। सोने, चांदी, हीरे के नेकलेस, पेंडेट, नोजपिन, अंगूठी, पाजेब, खिलौने, ज्वैलरी बॉक्स, कंगन, मंदिर, नोट, क्लिप, कॉलरपिन, साड़ी पिन, घड़ी सहित और भी सामान हैं।


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