ठंड में 8 तरह के लोगों को हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा खतरा
कैसे करे बचाव , अस्पतालों में दिल मरीजों की संख्या में बढोत्तरी
मेरठ। मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में पड रही हा़ंड कपा देने वाली ठंड ने दिल के मरीजों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सबूत जिला अस्पताल और मेडिकल की ओपीडी में लगी लाइनों से चल रहा है। इसमे सबसे ज्यादा मरीजों की सख्या दिल के मरीजों की है। यही स्थिति प्राइवेट अस्पतालों की भी दिखाई दे रही है। चिकित्सक मरीजों को उपचार देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे है। आइए जानने का प्रयास करते है। सर्दी के समय क्या-क्या सावधानिया बरते ।
सर्दियों में ठंड के कारण रक्त नलिकाएं सिकुड़ती हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, खासकर दिल के मरीजों, बुजुर्गों और डायबिटीज-हाई बीपी वालों में।सर्दियों की ठंड सिर्फ सर्दी-खांसी ही नहीं बढ़ाती बल्कि दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा भी कई गुना बढ़ा देती है। हर साल ठंड के मौसम में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी देखी जाती है, खासकर उन लोगों में जो पहले से किसी न किसी हार्ट डिजीज से जूझ रहे होते हैं।
मेडिकल कॉलेज के हार्ट स्पेस्टलिस्ट डा धीरज सोनी के अनुसार, तापमान गिरते ही शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, जिससे दिल पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है, किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और इससे बचाव के आसान उपाय क्या हैं।
सर्दियों में किन लोगों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा रहता है? डॉक्टर ने बताया है कि सर्दियों में कुछ लोगों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा होता है, इनमें पहले से दिल के मरीज, बुजुर्ग लोग और डायबिटीज व हाई बीपी के मरीज शामिल हैं। ऐसे लोगों को इस मौसम में अपनी सेहत का अधिक ख्याल रखना चाहिए।
सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का रिस्क
डॉक्टर ने बताया कि सर्दियों में ठंड की वजह से रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल तक ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसके साथ ही शरीर में स्ट्रेस हार्मोन भी बढ़ते हैं, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव बनता है। अगर पहले से धमनियों में ब्लॉकेज मौजूद हो, तो हार्ट अटैक का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा कम फिजिकल एक्टिविटी, तला-भुना व भारी खाना ज्यादा खाना आदि इसके कारण बनते हैं।
दिल के मरीजों को
जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक हो चुका है, एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी हुई है, या जिन्हें कोरोनरी आर्टरी डिजीज है, उनमें सर्दियों के दौरान खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ठंड में खून का बहाव धीमा हो जाता है और ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है।
60 साल से ऊपर के बुजुर्ग
उम्र बढ़ने के साथ धमनियां सख्त हो जाती हैं और दिल की ताकत कम हो जाती है। ठंडी सुबहें बुजुर्गों के लिए ज्यादा जोखिम भरी होती हैं, इसलिए उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
शुगर और हाई बीपी धीरे-धीरे रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। ठंड में इनका असर और बढ़ जाता है। कई बार ऐसे मरीजों को दिल की परेशानी के लक्षण भी साफ महसूस नहीं होते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले लोग
सिगरेट से रक्त नलिकाएं सिकुड़ती हैं और दिल पर दबाव बढ़ता है। वहीं सर्दियों में शराब पीने से ब्लड प्रेशर अचानक ऊपर-नीचे हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इनके अलावा मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को ज्यादा खतरा होता है क्योंकि सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अपने आप बढ़ सकता है। मोटापा और ज्यादा चर्बी धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ाती है, जो हार्ट अटैक की वजह बन सकती है।
सर्दियों में हार्ट अटैक से बचाव के आसान उपाय
सर्दियों में हार्ट अटैक से बचने के लिए कुछ आसान सावधानियां बहुत जरूरी हैं। ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखें, खासकर सुबह और रात के समय। तेज ठंड में सुबह की एक्सरसाइज से बचें और दोपहर की हल्की धूप में टहलना बेहतर मानें। बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की दवाइयां नियमित लें और बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें न छोड़ें।
खानपान में सूप, फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें तथा तला-भुना, ज्यादा नमक और चीनी से दूरी रखें। घर के अंदर हल्की एक्टिविटी, योग और स्ट्रेचिंग करते रहें। सिगरेट और शराब से बचें और अगर सीने में दर्द, सांस फूलना, ज्यादा पसीना या थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


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