फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं पादप विषाणु - प्रो विवेक कुमार बरनवाल
-सीसीएसयू और वियतनाम विश्वविद्यालयों के बीच 'लाइफ साइंसेज' विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के शोध एवं विकास निदेशालय के अंतर्गत सोमवार को विशेष व्याख्यान में 'लाइफ साइंसेज़' विषय क्षेत्र में सीसीएसयू और वियतनाम के विश्वविद्यालयों-संस्थानों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग संघ का आयोजन किया गया। विशेष व्याख्यान सत्र में डॉ. विवेक कुमार बरनवाल ने पादप विषाणुओं की निदान तकनीकों पर अपने पूर्व शोध कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि पादप विषाणु कृषि उत्पादन व गुणवत्ता को गंभीर प्रभावित करते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। अपने शोध कार्यों में उन्होंने विभिन्न फसलों में वायरस की शीघ्र पहचान के लिए उन्नत आणविक तकनीकों का विकास एवं उपयोग किया है।
डॉ. बरनवाल ने विशिष्ट वायरस स्ट्रेनों की पहचान, रियल-टाइम पीसीआर द्वारा वायरस की मात्रा का आकलन, आरपीए जैसी आइसो थर्मल तकनीकों का उपयोग, प्रमाणित एवं रोगमुक्त रोपण सामग्री के उत्पादन के लिए आणविक परीक्षणों की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री की उपलब्धता से फसल की उत्पादकता, निर्यात गुणवत्ता तथा रोग प्रबंधन में सुधार संभव है। कार्यक्रम में 'लाइफ साइंसेज' संकाय के वनस्पति विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी व सूक्ष्मजीव विज्ञान विभागों के अनेक छात्र-छात्रा व शिक्षक शामिल रहे। समापन सत्र में विद्यार्थियों ने वियतनाम से आए प्राध्यापकों के साथ छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की तथा भविष्य में संयुक्त शोध एवं शैक्षणिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी हुआ। डॉ. नग्येन बाओ क्योक ने 'मेड इन इंडिया' की भावना से प्रेरित भारतीय गीत को वियतनामी भाषा में प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. देवेंद्र ने वही गीत हिंदी भाषा में गाया। कार्यक्रम में वरिष्ठ संकाय सदस्यों में प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. अनुज कुमार, डॉ. शैलेंद्र गौरव, डॉ. रमाकांत, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. अंजलि मलिक, डॉ. अजय शुक्ला, डॉ. अश्वनी, डॉ. प्रदीप पंवार, डॉ. शशांक राणा, डॉ. प्रीति, डॉ. पायल, डॉ. आशु त्यागी, डॉ. सुप्रिया, डॉ. सबीन, डॉ. संगीता आदि शामिल थे।
वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल ने खेली होली
वियतनाम के छह विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र और शिक्षक शामिल रहे। इस दौरे में वियतनाम के छात्र व शिक्षक हस्तिनापुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां के प्रसिद्ध जैन मंदिरों तथा पांडव मंदिरों के दर्शन किए। साथ ही गंगा नदी के तट पर उसकी महत्ता का अनुभव किया। शाम के समय प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ के प्रसिद्ध औघड़नाथ मंदिर के दर्शन किए और सदर बाज़ार का भ्रमण किया। जहां से उन्होंने भारतीय अचार, पारंपरिक मिठाइयां, वस्त्र एवं अन्य स्थानीय सामग्री स्मृति-चिह्न के रूप में खरीदी। उन्होंने स्ट्रीट फूड का भी आनंद लिया। गोलगप्पा, टिक्की व अन्य भारतीय खान-पान का स्वाद लिया। अंत में वियतनाम के छात्र व शिक्षकों ने होली का उत्सव भी मनाया।


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