हुनर श्रावस्ती से मेरठ तक खींच लाया  

संचारी रोग का प्रचार प्रसार कर रही श्रावस्ती कल्चरल पार्टी 

मेरठ। कहते है अगर किसी की कोई हुनरछिपा  है तो उसका पता कुछ समय बात चल ही जाता है। इस कहावत की बखुबी श्रावस्ती की कल्चरल पार्टी ने कर दिखाया है। अभी तक श्रावस्ती जिले में केंद्र व प्रदेश सरकार को लोकगीतों के माध्यम से प्रचार -प्रसार करने के बाद यह पार्टी यूपी के मेरठ में संचारी रोग नियत्रण कार्यक्रम  में  जिले के 12 ब्लॉक के तीन -तीन गांवो में लोकगीतों के माध्यय से प्रचार प्रसार कर रही है। जिसकों को ग्रामीणों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। 



श्रावस्ती कल्चरल पार्टी के मुखिया शाहिद रजा मूल रूप से श्रावस्ती जिले के रहने वाले है। बचपन से ही उन्हें लोकगीतों को शौक था। बाद में परिवारिक जिम्मेदारी बढने के कारण उन्होंने इसे ही अपना रोगजार बना लिया। वर्ष 2018 श्रावस्ती कल्चरल पार्टी को सरकार की ओर से पंजीकृत किया गया। उसके बाद से वह श्रावस्ती में सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करने लगे। उसी समय वहां पर बतौर डीएम के पद पर मेरठ के जिलाधिकारी दीपक मीणा तैनात थे। उन्होंने शाहिद रजा व उनकी टोली को लोकगीतों के माध्यम से प्रचार प्रसार करते देखा तो उन्होंने शाहिद रजा को सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रचार के लिए लगाया। जिसका असर वहां की जनता में दिखाई दिया। लाेगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढी। वहां से ट्रांसर्फर होने के बाद मेरठ में वर्तमान में बतौर जिलाधिकारी के पद पर तैनात है। उनकी शालीलता किसी से छिपी नहीं है।   



 जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के लिए शाहिद रजा को फोन कर मेरठ बुला लिया। जिस पर शाहिद रजा अपनी टोली के अन्य साथी किशन कुमार, संजीत राम , माखन लाल , विक्रमजीत  व वासुदेव के साथ मेरठ पहुंचे। जहां पर उन्हें जिले के बारह ब्लॉक के तीन -तीन गांवों में संचारी रोग नियत्रण अभियान की जिम्मेदारी दी।जिस पर वह टीम के अन्य सदस्यों के साथ ढोकल-नाल, झाीका, मजीरा व विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी ई रिक्शा के साथ  संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरधना से की। जहां पर उन्होंने लाेकगीताें के माध्यम से ग्रामीणों को संचारी रोग से कैसे बचा जा सकता है। इसकों को लोकगीतो माध्यम से जागरूक किया। ग्रामीण क्षेत्र के लोग लोकगीतों से काफी प्रभावित हुए । शाहिद रजा जिस गांव में जाते वहां पर पूरे जोश के साथ स्वागत किया जाता रहा। उन्होने गांव की चौपाल पर संचारी रोग नियत्रण अभियान का प्रचार प्रसार किया। 



   जैसे सोचा निकला उसका उल्टा 

 शाहिद रजा की मानें तो कहना है मेरठ के बारे में जैसे सोचा था ठीक उसका उल्टा निकला । उनका कहना है यहां के लोग काफी मिलनसार है। वह बारह ब्लॉक के 36 गांवों में प्रचार प्रसार के लिए गये वहां पर उनका जोरदार स्वागत किया। जिसे वह कभी भूला नहीं पाएंगे। उनका कहना है उन्हें उनकी टीम को अपने परिवार की तरह उनकी देखभाल की गयी। 

जिलाधिकारी के चलते मिला उन्हें काम 

 शाहिद रजा मेरठ के जिलाधिकारी के कायल हो गये है। उनका कहना है कि उनकी बदौलत उन्हें मेरठ आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनका कहना है ऐसे अधिकारी बहुत कम देखे है। 

 परिवार के 15 लोगों की जिम्मेदारी शाहिद के कंधों पर  

  श्रावस्ती के शाहिद रजा के परिवार में 15 लोग है खुद उनकी छह लडकी है। जिनकी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। शाहिद  कहना है श्रावस्ती जिला काफी पिछडा हुआ है। वहां पर रोजगार काफी कम है। ऐसे परिवार को पालन पोषण करना काफी मुश्किल होता है। वह मेरठ के जिलाधिकारी को अपने लिए भगवान मान रहे है। जिनकी बदौलत उनका परिवार चल रहा है। 

 जुलाई में फिर मेरठ लौटेगे शाहिद रजा 

 संचारी रोग नियंत्रण अगले माह आरम्भ हो रहा है। अगले माह फिर एक बार अपनी टोली के साथ लौट कर प्रचार प्रसार में जुट जाएंगे।

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