हस्तिनापुर -बिजनौर पुल की एप्रोच रोड पानी में बही
दोनो ओर से आवागमन पूरी तरह से ठप हुआ , यात्रियों को हो रही परेशानी
मेरठ। मूसलाधार बरसात के कारण हस्तिनापुर -बिजनौर की एप्रोच रोड सोमवार की सुबह 4 बजे ही यह संपर्क मार्ग गंगा में बह गया।तेज पानी में बहने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।उक्त क्षेत्र जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक के विधानसभा क्षेत्र का लगता है।यह पुल हस्तिनापुर से बिजनौर को जोड़ता था।अब लोगों को करीब 12 से 14 किलोमीटर घूमकर जाना पड रहा है।
मेरठ के हस्तिनापुर और चांदपुर से बिजनौर की सीमाओं से साथ अन्य कई जिलों को आपस में जोड़ने वाला क्षेत्र के भीमकुंड गंगा पुल की एप्रोच रोड पिछले 24 घंटे गंगा के कटान को नहीं झेल सकी। उचित कटान का प्रबंधन नहीं होने के कारण आखिरकार सोमवार की सुबह चार बजे पुल की एप्रोच रोड गंगा में बह गई है।विभाग की कार्यशैली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब बरसात शुरू हो गई तो पुल के अप्रोच रोड का काम कराया गया। दो दिन पहले ही यहां संपर्क मार्ग को बनवाया गया। ग्रामीणों के अनुसार पिछले साल जुलाई में यह संपर्क मार्ग टूटा था। इसे पिछले 6 महीनों में ठीक नहीं कराया गया। अब एक साल बाद पुल को जोड़ने वालो एप्रोच रोड को दो दिन पहले ठीक कराया गया है। इसमें तो सड़क का बहना तय था।दिसंबर महीने के अंत तक जैसे तैसे करके पीडब्लयू डी ने क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर मिट्टी का भराव कराकर रोड शुरू किया था। परंतु विभाग क्षतिग्रस्त होने वाले स्थान पर पिचिंग का कार्य करना भूल गया था।जिस रोड का काम एक साल 2022 में होना चाहिए था। उसे 2023 में बारिश आने के बाद चालू हालात में बना दिया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया। इसके बाद भी अफसरों ने कोई सुनवाई नहीं की। ग्रामीणों ने पीडब्लयूडीऔर प्रशासनिक अफसरों से भी शिकायत की लेकर किसी ने सुध नहीं ली।
हस्तिनापुर क्षेत्र के हजारों किसान गंगा के पार खेती करते हैं। जिसके लिए उन्हें हर रोज इस पुल से गुजर कर अपने खेतों में जाना होता है। पिछले साल किसानों ने जमकर हंगामा किया था उसके बाद सड़क को दुरुस्त किया गया था अब पुल के संपर्क मार्ग टूटने से किसानों के सामने परेशानी बढ़ गई है और खेती करने की चुनौती भी सामने होगी।ग्रामीणों ने बताया कि यहां रास्ता ठप हो गया है। लेकिन भारी वाहनों को रोकने के लिए थाना पुलिस की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे कई लोगों के साथ बड़े हादसे होने से बचे।नतीजा यह हुआ कि सोमवार की सुबह 4 बजे ही यह संपर्क मार्ग गंगा में बह गया। इस कारण यहां आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान विकराल होता जा रहा है।
बता दें कि पिछले साल 2022 में जुलाई के समय भी गंगा के तेज बहाव के चलते संपर्क मार्ग बह गया था। स्टेट हाईवे 147 पर आवागमन पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया था। मार्ग बंद होने के चलते लोगों को नाव से सफर तय करना पड़ा और नाव हादसा भी हो गया। इसमें एक शिक्षक समेत दो लोगों की मौत हो गई थी।
बोले डीएम
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा बिजनौर, हस्तिनापुर को जोड़ने वाले पुल का एप्रोच रोड पिछले साल बह गया था। आवागमन बंद हो गया था। इसके बादपीडबलयूडी ने इसके निर्माण के लिए रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा था। जो अभी पेँडिंग हैं। इसमें बाढ़ सुरक्षा और अन्य काम होने हैं। ऑलरेडी प्रोजेक्ट लेट हुआ था। इसकी विजिलेंस जांच चल रही है। रिवाइज्ड एस्टीमेट पास नहीं हो सका है। उन्होंने बताया, ' दोबारा बरसात में अप्रोच रोड कटी है। शासन में रिक्वेस्ट की है कि जल्द से जल्द बजट सेंशन करके इसमें काम कराया जाए। पैसा स्वीकृत होते ही काम शुरू कराया जाएगा। शासन स्तर से जांच हो रही है।


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