विश्व एनेस्थीसिया डे 

मात्र बेहोशी देना नहीं है एनेस्थीसिया पेन क्लीनिक

 मेडिकल कालेज के एनेस्थीसिया विभाग में पीजी की बढी चार सीटें ,12 पहुुंची संख्या 

मेरठ।कोरोना काल में एनेस्थीसिया के चिकित्सक सबसे आगे फ्रंट लाइन में रहकर गंभीर कोरोना के मरीजों का आईसीयू में वेंटीलेटर समेत अन्य उपकरण के सहारे जीवन बचाया। यहीं वजह रही कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विभाग में पीजी की चार सीटों से बढ़कर 12 हो गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए एनेस्थीसिया में पीजी करने के लिए पीजी सीट बढ़ने से अवसर भी बढ़ गए है। 

 मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर डॉ. विपिन धामा ने यह जानकारी दी। डॉ.धामा ने बताया कि एनेस्थीसिया अब मात्र बेहोशी देना ही नहीं बल्कि पेन क्लीनिक में कैंसर, जोड़ों में दर्द समेत अन्य शरीर के गंभीर दर्द में इलाज कर राहत पहुंचा रहे है। इसके अलावा अब आईसीयू में गंभीर मरीजों का इलाज कर रहे है। एनेस्थीसिया सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ.वैभव तिवारी ने बताया कि जिले में डेढ़ सौ से ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सक सोसाइटी में शामिल है। आज मेडिकल कॉलेज में बाइकथन, पौधारोपण और शाम में म्यूजिकल नाइट का आयोजन रविवार को किया । इस वर्ष की एनेस्थीसिया डे की थीम थीम  एनेस्थीसिया एंड चिल्ड्रेन  केयरिंग फ ार योर किड्स है। इसी थीम पर इस वर्ष एनेस्थीसिया डे मनाया जाएगा।


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