जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मनाया गया खुशहाल परिवार दिवस
हर काम की तरह परिवार भी प्लान करें : सीएमओ
- परिवार पूरा कर चुकीं तीन महिलाओं ने स्वेच्छा से कराई नसबंदी
- 34 महिलाओं ने लगवाई पीपीआईयूसीडी-आईयूसीडी, 11 ने अंतरा
हापुड़, 22 अक्टूबर, 2022। हर माह की तरह इस बार भी 21 तारीख को जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों ने एक ओर जहां परिवार नियोजन के सुरक्षित साधनों के बारे में जानकारी दी वहीं यह भी बताने का प्रयास किया कि परिवार नियोजन क्या है ? और परिवार नियोजन अपनाना क्यों जरूरी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया - परिवार नियोजन को आमतौर पर जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम मान लिया जाता है, जबकि ऐसा है नहीं। दरअसल, परिवार नियोजन पूरी प्लानिंग के साथ परिवार पूरा करने का एक कार्यक्रम है। मां व शिशु का अच्छा स्वास्थ्य इस कार्यक्रम का आधार है।
उन्होंने कहा जब हम सारे कार्य योजनाबद्ध तरीके से करना चाहते हैं तो परिवार के लिए योजना बनाएं। पहला बच्चा शादी के कम से कम दो साल बाद और दूसरा उसके तीन साल बाद प्लान करेंगे तो मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। इसलिए हर माह की 21 तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन कर इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है और इच्छुक लाभार्थी को निशुल्क परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. प्रवीण शर्मा ने बताया शुक्रवार को आयोजित खुशहाल परिवार दिवस के मौके पर जनपद में परिवार पूरा कर चुकीं तीन महिलाओं ने स्वेच्छा नसबंदी कराई। दो बच्चों के बीच सुरक्षित अंतर के लिए 24 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी और 10 महिलाओं ने आईयूसीडी लगवाई। इसके अलावा 11 महिलाओं ने तिमाही गर्भनिरोधक इंजेक्शन “अंतरा” अपनाया। अंतरा एक सुरक्षित गर्भनिरोधक है। तीन माह में एक बार इंजेक्शन लगवाने की जरूरत पड़ती है। इसके संबंध में पूरी जानकारी लाभार्थी द्वारा पंजीकृत कराए गए मोबाइल पर समय से पूर्व मिलती रहती है।
पीपीआईयूसीडी और आईयूसीडी क्या हैं :
जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ (डीएफपीएस) बृजभान यादव ने बताया दो बच्चों के बीच सुरक्षित अंतर रखने के लिए प्रसव के तुरंत बाद (48 घंटे के अंदर) गर्भाशय में लगाई जाने वाली डिवाइस को पीपीआईयूसीडी (पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेरिन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस) कहते हैं। यह पूरी तरह सुरक्षित है, इससे मां- शिशु के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। जब भी महिला गर्भधारण करना चाहे तो इसे आसानी से निकलवा सकती है। इसी प्रकार आईयूसीडी भी लंबे तक प्रयोग की जाने वाली परिवार नियोजन विधि है। यह डिवाइस माहवारी के बाद गर्भाशय में लगाई जाती और अपनी इच्छा के मुताबिक इसका प्रयोग रोककर गर्भधारण किया जा सकता है।




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