क्षय रोग एवं कोविड़.19 को खत्म करने हेतु ग्रामीण समाज विकास केंद्र ने किया प्रयास
टीबी को लेकर जागरुक हो रहे समुदाय के लोगआगे आ रहे है स्टैक होल्टर और सरकारी अमला
मेरठ। ग्रामीण समाज विकास केन्द्र यूपी राज्य में जिला मेरठ के रजपुरा ब्लाक के 50 गांवों में क्षय रोग की रोकथाम, निदान, उपचार और देखभाल एवं टीकाकरण के लिए कार्य कर रही है। संस्था के द्वारा प्रत्येक गांव में किशोरी लडकियों, युवाओं, महिलाओं, पुरुषों और टीबी रोगियों का ग्राम संसाधन समूह बनाया गया है। साथ ही संस्था ने समूह के सदस्यों को मानवाधिकार, लिंग संबंधी बाधाओं, टीबी की रोकथाम निदान व देखभाल पर उन्मुखीकरण किया है। समूहों के सदस्यों को सरकार द्वारा प्रदान दिए जाने वाले योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई है। संस्था ने आशा, एएनएम आंगनबाडी पंचायत प्रतिनिधि आदि लोगों को भी इस विषय पर उन्मुखीकरण किया है।
संस्था के सचिव मेहर चंद ने बताया लगातार प्रयासों व कार्यों से अब परियोजना क्षेत्र में टीबी मरीजों की संख्या में कमी आयी है और टी.बी के मरीज अपना इलाज सही जगह से करवा रहें है और वह ठीक भी हो रहे है। इसके साथ ही ग्राम संसाधन समूह के सदस्य अब अपने अपने गांवों में डोर टू डोर सर्वे कर रहे हैं और लोगों को टीबी की रोकथाम, निदान व देखभाल पर जागरूक कर रहे हैं। परिणामस्वरूप हमारे ग्राम संसाधन समूह के सदस्यों ने 30 टी.बी संदिग्ध रोगियों को इलाज के लिए सीएचसी रजपुरा रेफर किया।
वहीं दूसरी ओर हमारे प्रयासों के फलस्वरूप आशा व आंगनबाडी कार्यकत्री जब भी किसी महिला से मिलती हैं तो उन्हें इस विषय के बारे में जागरूक करती है। साथ ही अब आशा व आंगनवाडी कार्यकत्री संस्था के संपर्क में लगातार रहती है और लगभग 10 टीबी मरीजों को आशा कार्यकत्री ने सही इलाज के लिए सीएचसी रजपुरा रेफर किया ग्राम संसाधन समूह के सदस्य अन्य कार्यों जैसे बच्चों के टीकाकरण, कोविड 19 टीकाकरण में भी यहयोग करते हैं।
संस्था के प्रयास से व ग्राम संस्थान के समूह के सक्रिय होने से क्षेत्र के 6 गांवों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अब उपकेन्द्र पर रोज बैठते हैं जबकि यह अधिकारी पहले कभी कभी बैठते थे और राउंड लगाकर चले जाते थे। साथ ही अब यह समुदाय के हित के लिए व टीबी की रोकथाम, निदान व देखभाल कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही पहले कुछ गांवों के डॉट सेन्टर पर दवाईया न होने की वजह से टीबी मरीजों को दवाई नहीं मिल पाती थी। संस्था ने लगातार डीटीओ से संपर्क व पैरोकारी करके 6 डॉट सेन्टर पर दवा उपलब्ध कराया और लोगों को अब दवाईया मिल रही है। ग्राम संसाधन समूह के सदस्य इन डॉट सेन्टर से भी लिंक है।
पंचायत सदस्य व प्रधान भी अपनी मासिक बैठकों में इस विषय पर चर्चा करते हैं और संस्था के संपर्क में रहते हैं। संस्था के कार्य व सफलता को देखते हुए हसनपुर गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने यह मांग किया है किया है कि उनका भी एक समूह बनाया जाये जिससे कि वह भी टीबी की रोकथाम, निदान व देखभाल एवं स्वास्थ्य विषय पर कार्य कर सके और लोगों को जागरूक कर सकें।


No comments:
Post a Comment