यशोदा अस्पताल ने 100 क्षय रोगी और गोद लिए

-          अब तक अलग-अलग कार्यक्रमों में आठ सौ रोगियों को गोद ले चुका है अस्पताल

-          अस्पताल के सीएमडी ने 5100 क्षय रोगियों को गोद लेने की कर रखी है तैयारी 

 

गाजियाबाद, 15 अक्टूबर, 2022। कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल की ओर से 100 क्षय रोगियों को और गोद लिया गया ‌है। शनिवार को ईएसआईसी हॉस्पिटल साहिबाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन सभी रोगियों को अस्पताल की ओर से पुष्टाहार उपलब्ध कराया गया। अब तक अस्पताल की ओर से अलग -अलग कार्यक्रमों में आठ सौ क्षय रोगियों को गोद लिया जा चुका है। बता दें कि अस्पताल के सीएमडी डा. पीएन अरोड़ा ने जनपद के 5100 क्षय रोगियों को गोद लेकर भावनात्मक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने का वचन ले रखा है। गोद लिए गए क्षय रोगियों को उपचार जारी रहने तक हर माह पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद उप-जिला क्षय रोग अधिकारी डा. अनिल ने इस मौके पर क्षय रोगियों को संबोधित करते हुए कहा - नियमित रूप से दवा अवश्य लेते रहें। बीच में दवा छोड़ देने से क्षय रोग का उपचार और मुश्किल हो जाता है। दरअसल उपचार बीच में छोड़ने से रोगी ड्रग रेजिस्ट हो जाता है और फिर से उपचार शुरू करने के लिए दूसरी दवाएं देनी पड़ती हैं। उस स्थिति में उपचार की अवधि भी बढ़ जाती है जबकि नियमित रूप से दवा खाने पर अधिकतर मामलों में टीबी क्षय माह में पूरी तरह ठीक हो जाती है। इसलिए दवा बीच में छोड़ने की भूल न करें। इस मौके ईएसआईसी अस्पताल के डीएमएस डा. विनोद कुमार भी मौजूद रहे।

जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर दीपाली गुप्ता ने क्षय रोगियों को प्रेरित किया कि अपने परिजनों को जांच कराने के लिए कहें। जांच पूरी तरह निशुल्क है। दरअसल फेफड़ों की टीबी संक्रामक होती है। क्षय रोगी की  जल्दी पहचान होकर उपचार शुरू हो जाए तो संपर्क में आने वालों को संक्रमण देने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान डा. आरके शर्मावरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक राजेंद्र कुमारटीबीएचवी शशिकांत और उपचार सहायक एमएल खान और उपचार पर्यवेक्षक ईरम आदि मौजूद रहे।

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