पाच किलो की रसौली को छोटे से टांके द्वारा निकालकर अवाहित लडकी को  मिला नया जीवन

 मेरठ। मेरठ के न्यूट्रिमा हॉस्पिटल  के चिकित्सकों ने एक अविवाहित लड़की की बच्चेदानी से पांच किलो की रसौली को छोटे से टांके द्वारा निकाल कर लडकी को नया जीवनदान दिया है।
 

मीडिया को जानकारी देते हुए डा प्रियंका गर्ग ने बताया उनके पास एक केस आया। एक 25 साल की अविवाहित लड़की बच्चेदानी में बहुत बडा फाइब्रोइड बन गया था जो कि पूरे पेट को घेरे हुए था। जांच में यह निकल कर आया कि लडकी का खून रसौली के कारण बहुत गाढ़ा हो गया । दिल्ली के अस्पतालों ने लडकी के इलाज करने से मना कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल के ब्लड बैंक के डा अंशुमन शर्मा ने पहले उसका ब्लड निकालकर पतला किया। जिसे थेराप्यूटिक कहा जाता है। इसके उपरांत उन्होंने बच्चेदानी को ब्लड सप्लाई  करने वाली नस इंटरनल एलायक आर्टरी को बांधकर करीब  3 से 4 छोटे घुलने वाले टांके से ही इतनी बडी रसौली को निकालकर लडकी को नया जीवनदान दिया। उन्होंने बताया छोटा सा निशान बाद में नजर भी नहीं आएगा। उन्होंने बताया लडकी के विवाह में  किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया  दूरबीन से ही फायब्रोईड के आपरेशन बिना बच्चेदानी निकालकर सफलतापूर्वक पिछले 15 सालों से कर रही है।  इस मौके पर डा संदीप गर्ग, डा अवनीत राणा, डा प्रियांक गर्ग , कैप्टन रस्तोगी, डा शालीन मौजूद रहे। 

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