देवबंद। ग्राम गंगदासपुर जट्ट में गन्ना किसानों की बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर पिछले गन्ना सीजन का 25 सौ करोड रुपए गन्ना भुगतान व पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 11 हजार करोड़ रुपए बकाया चला आ रहा है। भाजपा की योगी सरकार उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद भी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को प्रदेश की 120 चीनी मिलों से पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान व ब्याज गन्ना किसानों को नहीं दिला पा रही है। जिससे प्रदेश के गन्ना किसान भारी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं और एक- एक रुपए को मोहताज हैं। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जो चीनी मिले 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान नहीं करती हैं उन चीनी मिलों को प्रदेश के गन्ना किसानों को 15% वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान करना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि योगी सरकार पिछले वर्ष का भी गन्ना भुगतान किसानों को नहीं दिला पाई है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि चालू गन्ना सीजन का भी उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर आठ हजार करोड रुपए से अधिक गन्ना भुगतान बकाया हो गया है और सहारनपुर मंडल की चीनी मिलों पर पिछले वर्ष का भी 500 करोड रुपए गन्ना भुगतान बकाया है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने मात्र 25 गन्ने का रेट बढ़ाया है जो नाकाफी और बहुत ही कम है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को नकद गन्ने का लाभकारी रेट 600 कुंतल दिया जा सकता है। जिसे दिलाने के लिए योगी सरकार तत्काल कदम उठाए। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि वर्ष 1967 में गन्ने का रेट 12 रुपए 10 पैसे कुंतल था उसी समय प्राइमरी अध्यापक की नौकरी 70 महीना थी जो आज 1000 गुना बढ़कर 70 हजार रुपए से भी अधिक हो गई है। इस हिसाब से गन्ने का रेट 12 हजार सौ रुपए कुंतल होना चाहिए। भगत सिंह वर्मा ने भाजपा की योगी सरकार और चीनी मिल मालिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अविलंब पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान व पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 11हजार करोड़ रुपए तुरंत न दिलाया गया, इस वर्ष का बकाया गन्ना भुगतान अविलंब न किया गया और गन्ने का लाभकारी रेट 600 कुंतल न किया गया तो प्रदेश के गन्ना किसान बड़ा आंदोलन चलाएंगे और 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देंगे। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी रैली व उद्घाटन बंद करके प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान व ब्याज दिलाएं और उत्तर प्रदेश में हरियाणा के बराबर बिजली के रेट किए जाएं। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मनरेगा योजना को सीधा खेती से जोड़ा जाए और मनरेगा योजना के तहत किसानों को मजदूर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक की अध्यक्षता ऋषिपाल प्रधान ने की और संचालन सुमित वर्मा ने किया। बैठक में जोगेंद्र सिंह प्रधान, सुरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, अमित कुमार चौधरी, बाबूराम, अभिषेक चौधरी, आजाद सिंह, पप्पू, विपिन कुमार चौधरी, बीरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, आकाश चौधरी, पदम सिंह, रविंद्र कुमार, संदीप चौधरी, सुशील कुमार, भगत आदि मौजूद रहे।

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