कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से करोडो का घोटाला 
अजब-गजब: प्रकरण को पकडवाने वाले कर्मचारी के ही विरुद्ध ड्यूटी बंद कर बैठाई जांच

मुजफ्फरनगर। मोरना शुगर मिल में एक से बढकर एक घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। कर्मचारी घोटाले करने के नये नये तरीकों का इस्तेमाल कर रहे है। मिल में शिफ्ट बंद होने के बावजूद टोकन कटना तथा बिना गन्ना लाये पर्ची बना लेना आम हो चला था। एक कर्मचारी की सतर्कता के चलते घोटाले का खुलासा हो सका अधिकारी दोषियों के साथ शिकायतकर्ता को भी ड्यूटी से हटा कर जांच के घेर में ले लिया गया ।
किसानों की माने तो करीब 500 से 800 कुंतल गन्ने की पर्ची मिल कर्मचारी अधिकारियों की शह पर तैयार करते थे। फिलहाल सम्भावना है कि घोटाला पकडे जाने पर शायद कुछ दिन यह घोटाला बन्द हो जाये। इस तरह से तो 24 घन्टे में करीब 2 लाख 80 हजार रूपये की पर्ची कर्मचारी तैयार करते थे। 33 दिन मिल में सप्लाई रही, तो करीब 92 लाख 40 हजार रूपये की गन्ने की पर्चियां तैयार कर दी गयी होंगी। इस प्रकार की चोरी को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।
 
कैसे पकड़ में आया घोटाला: सम्बन्धित पर्ची नम्बर 102651279308 तोलकांटे के चौकीदार यशपाल की थी, जो कि प्रातः: 10 से 2 बजे दरियाबाद शिफ्ट के दौरान तोली जानी थी। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कर्मचारियों ने एक बुजुर्ग व भोले किसान को अपना टारगेट चुना। रात्रि में 2 से 6 बजे के दौरान जब वह बुजुर्ग अपनी बुग्गी लेकर गन्ना तुलवाने के लिए पहुंचा, तो तौल कलर्क ने पहले अपनी पर्ची तोली जिसकी एन्ट्री पहले की  जा चुकी थी। गलत पर्ची तुलने के बाद बुजुर्ग से शून्य न आने की बात कहकर बुग्गी वापस दोबारा तौल के लिए कांटे पर चढ़ाने के लिए कहा गया। भोले भाले किसान ने उनके कहने पर दोबारा बुग्गी कांटे पर चढाई, तो इस बार किसान की पर्ची पर तौल कर दी गयी। ज्ञात हो कि उस समय जबकि फर्जी दरियाबाद की पर्ची तोली गयी दरियाबाद की शिफ्ट बन्द थी, यह फर्जी पर्ची भोकरहेड़ी शिफ्ट के दौरान तोली गयी है। शातिर यशपाल व नकुल जब खाली तोल कांटे पर खाली बुग्गी तुलवाने के लिए गये, तो खाली तौल चौकीदार अंकित व आशीष ने इन्हे पकड लिया और किसानों व अधिकारियों को सूचना कर दी।
इस प्रकरण को लेकर किसानों में भारी आक्रोश दिखाई दिया, किसानों का कहना है कि 8 दिन की अवधी बीत जाने के बाद भी काई कार्यवाही मिल प्रशासन ने दोषियों के विरूद्ध नहीं की। बंद शिफ्ट में टोकन का कटना शातिर केन सुपरवाइजर की सबसे बड़ी चूक है, जिस कारण घोटाला पकड़ में आ सका। अब तक इस पर कोई कार्यवाही न होना मिल अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। गन्ने की सभी जिम्मेदारी मिल के गन्ना अधिकारी की होती है। प्रशासन व सरकार को इस प्रकरण का पर्दाफाश कर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। प्रकरण को खुलता देख आठ दिन बाद फिलहाल मिल प्रशासन ने आनन-फानन में चारों मिल कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाकर जांच बैठाई है, जिनमें यशपाल चौकीदार पर्ची मालिक निवासी दरियाबाद, नकुल ककराल शीट राइटर, अंकित व आशीष निवासी करहेडा खाली तौल कांटा सम्मिलित है, जबकि तौल लिपिक विनोद, टोकन मैन ओमवीर व गन्ना सुपरवाइजर रामपाल को क्लीन चिट दी है। पूछने पर जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि प्रबन्धक मिल मोरना जांच कर रहे है, दो से तीन दिन में निष्पक्ष निर्णय हो जायेगा।

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