अमित जानी के बुलावे पर जानी में पहुंचा भारी जनसैलाब
अमृत की बरसे बदरिया पर अमित जानी संग नाचे श्रद्धालु सरधना से साजिद कुरैशी की रिपोर्ट सरधना (मेरठ) बीती शरद पूर्णिमा की रात जानी में हुए विशाल भगवती जागरण में सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालु बड़े जनसैलाब के रूप में उपस्थित रहे। 40 बीघे का खेत मां के भक्तों से लबालब भर गया,रात्रि10 बजे जैसे ही भजन सम्राट लखबीर सिंह लख्खा की एंट्री हुई उनकी एक झलक पाने को लोग बेताब हो गए।लखबीर सिंह लख्खा ने प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ,मां वेदों ने जो तेरी महिमा कहि है ,मैया का चोला है रंगला,वो है जग में है बेमिसाल सखी ,श्री राम जानकी बैठे है मेरे सीने में और मेरी अखियों के सामने ही रहना वो शेरावाली जगदम्बे गाकर श्रद्धालुओं को खूब झुमाया। 20 से 25 हज़ार लोगों ने लख्खा के कहने से माई के दरबार मे ताली बजाई तो खुले आसमान में पूर्णिमा की चांदनी में आसमान से बरसती ओस और ठंडक के बीच भी गर्मी का माहौल पैदा हो गया। लखवीर सिंह लख्खा ने अमृत की बरसे बदरिया गाते गाते आयोजक अमित जानी को हाथ पकड़कर नाचने पर मजबूर कर दिया,लख्खा और अमित जानी नाचे तो उनके साथ साथ पूरा पंडाल झूम उठा ।हिसार से आये दादा श्री कालापीर मठ के महंत योगी शुक्राइनाथ जी महाराज ने मां जगदम्बा को छतर चढ़ाया तो वहीं क्षेत्र के मुस्लिम भाइयों ने 51 किलो की फूलो की माला समर्पित कर एकता व भाईचारे की मिसाल पेश की ।अपने संबोधन में अमित जानी भाउक हो गए ।रुंधे हुए गले से उपस्थित बुजुर्ग महिलाओं से अपील करते हुए बोले कि 2014 में मेरी माँ का देहांत हो गया था तब से मैं बिना मां के बहुत अकेला महसूस करता हूँ अमित जानी ने रोते हुए कहा कि उपस्थित मातृ शक्ति यदि मुझे अपना बेटा समझकर अपनाले तो मेरी अनाथ होने की पीड़ा समाप्त हो जाएगी ,अमित जानी के मार्मिक संबोधन से सैकड़ो महिलाएं स्टेज पर आ गई और सर पर हाथ फिराकर खूब आशिर्वाद दिया। लखवीर सिंह लख्खा ने भी संबोधन में वादा किया कि अमित जानी को विधायक बना दो प्रत्येक वर्ष नवरात्रि पर इसी तरह आपके बीच मे उपस्थित होता रहूंगा।लख्खा के अलावा मुम्बई व बृन्दावन से आई राधा कृष्ण ,कृष्ण सुदामा,महिषासुर मर्दन व मां काली की झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । भारी भीड़ को देखते हुए पंडाल में कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।
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