अध्यक्ष ने सभासदों से जान का खतरा बताते हुए आने से किया इनकार


 बैठक में करोड़ों के प्रस्ताव लेकिन सहमति नहीं बनी

 सरधना से साजिद कुरैशी की रिपोर्ट

सरधना (मेरठ) गुरुवार को खिवाई नगर पंचयत की बोर्ड बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में अध्यक्षा द्वारा सभासद से जान का खतरा बताकर आने से इंकार कर दिया गया। हालांकि बाद में अधिशासी अधिकारी द्वारा सूचना देकर बुलाने पर काफी देर बाद अध्यक्ष पहुंची। इसे लेकर बोर्ड बैठक काफी हंगामेदार रही और सभासदो ने कार्यवाही बाधित करते हुए अध्यक्ष व पर भेदभाव कर  विकास कार्य कराने का आरोप लगाया। इसे लेकर दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप भी जमकर चले। हालांकि इस दौरान अध्यक्ष व सभासदों ने करोड़ों रुपए के प्रस्ताव सौंपे  लेकिन उन पर सहमति नहीं बन पाई। अध्यक्ष बैठक स्थगित कर अपने घर चली गई। 
गुरुवार को कस्बा खिवाई की बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी,दोपहर 12 बजे बोर्ड बैठक का समय दिया गया था। लेकिन दोपहर 1:30 बजे तक भी जब अध्यक्षा बोर्ड बैठक में नहीं पहुंची,जबकि वहां बोर्ड के सभी 18 सभासद व अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र मिश्र मौजूद रहे। अधिशासी अधिकारी द्वारा अध्यक्षों को बोर्ड बैठक में बुलावा दिया गया तो उन्होंने सभासदों से जान का खतरा बताते हुए आने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि सभासदों के बढ़ते हंगामे और अधिशासी अधिकारी की सूचना पर अध्यक्षा काफी देर बाद बैठक में पहुंची।  अध्यक्षा के पहुंचते ही सभासद ने उन पर पर मुंह देखकर विकास कार्य कराने का खुला आरोप लगाते हुए कहा अपने वोटरों को खुश करने के लिए अपनी और विकास कार्य करा लिया। जबकि कस्बे में 2 साल से भी अधिक से अन्य विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। इसे लेकर बैठक में काफी हंगामा रहा और अध्यक्षा के नहीं आने पर सभासदों ने कोरम पूरा होने की बात कहते हुए अधिशासी अधिकारी से बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करने का दबाव बनाया। हालांकि कुछ देर बाद पहुंची अध्यक्षा घुंघट की आड में बैठी रही। जिसके लेकर अध्यक्षता उनके पुत्रों तथा सभासदों के बीच काफी हंगामा जद्दोजहद होती रही।इस दौरान शाकिर अली सभासद द्वारा बोर्ड बैठक में प्रस्ताव दिया गया कि गृह कर को लागू  किया जाए। जिससे नगर पंचायत की आम आदमी बढे,रोशन  सभासद ने अधिशासी अधिकारी का ध्यान दिलाते हुए कस्बे के समस्त टूटी पड़ी नाली वह चैनर आदि की मरम्मत कर प्रस्ताव पारित करने की मांग उठाई।जबकि अनूप  सभासद ने नगर में पेयजल की समस्या का संकट बताते हुए दूषित हो चले हैंडपंप के बदले नए हैंडपंप रिबोर कराने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा सभासद अजीत द्वारा पुलिस चौकी के पास लगने वाले साप्ताहिक पेट में अवैध वसूली रोककर ठेका छोड़ने की मांग की। 
 नजर सभासद द्वारा नगर के अभी तक के आय व्यव का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई। जबकि नोशाद  सभासद द्वारा नगर में खराब पड़ी लाइट  को ठीक कराने व खंभों पर नई लाइट लगाने तथा खराब पड़े वाटर कूलर को ठीक करने की मांग की। 
इसके अलावा सभासद अय्यूब द्वारा नगर के जर्जर व गड्ढों में तब्दील तमाम रास्तों का प्रस्ताव कर उल्फत विकास कार्य शुरू कराने का प्रस्ताव रखा गया।
इसके अलावा सभासद मोमीन द्वारा नगर में रास्तों पर वाहन खड़े करके अवैध कब्जे को हटाने की मांग रखी गई। इस मौके पर बोर्ड बैठक के मौजूद सभी अट्ठारह सभासदों द्वारा नगर के हर वार्ड में जर्जर व खराब रास्ता के प्रस्ताव बना कर दिए गए। वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष द्वारा भी लगभग आधा दर्जन से अधिक रास्तों के प्रस्तावों पर गए इसे लेकर सभासदों ने हंगामा खड़ा कर दिया और अध्यक्षों द्वारा मुंह देखकर अपनी और विकास कार्य कराने का खुला आरोप लगाया कि  इसे लेकर सभासदों ने अध्यक्ष द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई।वहीं दूसरों के अधिशासी अधिकारी द्वारा सभासदों को शांत करते हुए बताया गया कि नगर में बजट की कमी है । अध्यक्ष व सभासदों द्वारा दिए प्रस्ताव में से जरूरी विकास कार्यों को सभासद के अध्यक्ष द्वारा गठित बोर्ड बैठक में प्राप्त पास कराकर विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। कुल मिलाकर काफी समय बाद हुई बोर्ड बैठक काफी हंगामेदार रही और सभासदों के चेयर पर्सन पुत्रों में कई बार नोकझोंक की नौबत आई। इसे लेकर अध्यक्षा बोर्ड बैठक स्थगित कर कर निकल गई । इस मौके पर मुख्य रूप से  नगर के समस्त सभासद गण अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र मिश्र लिपिक मोमिन चौहान आदि मौजूद रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts