शारीरिक व्यायाम न हमें सिर्फ फिट रखता है, बल्कि हमारे शरीर में स्फूर्ति भी बनाये रखता है। एक रूटीन वर्कआउट को आपके जीवन का हिस्सा होना चाहिए। इससे आप फिट भी रहेंगे और इसका एक पॉजिटिव इफ़ेक्ट भी आपके शरीर पर देखने को मिलेगा। आप चाहे एरोबिक्स करें, योग करें या जिम जाएं, बहुत ज़रूरी है कि आप पहले वार्म–अप एक्सरसाइज़ करें। इसके क्या महत्व हैं आईये जानते हैं।
ऐसा बहुत बार हुआ होगा कि आपने एक्सरसाइज़ की और आपकी मसल्स पुल हो गई हों। या अन्य किसी तरह की समस्या हुई हो। इसका कारण है कि आप एक्सरसाइज़ से पहले वार्म-अप नहीं करते होंगे। ये बात ध्यान रखिये कि किसी भी रूटीन एक्सरसाइज़ को करने से पहले वार्म-अप करना ज़रूरी है। वार्म-अप करने का मतलब है अपने आप को एक्सरसाइज़ के लिए मानसिक रूप से तैयार करना। चलिए आपको बताते हैं कि एक वार्म–अप रूटीन क्या होता है और इसका क्या महत्व है।
बेसिक वार्म-अप
बेसिक वार्मअप जिन्हें आपको अपनी रूटीन एक्सरसाइज़ से पहले करना चाहिए। इससे आपको आगे के शेडयूल में बहुत मदद मिलती है। आप पूरी तरह से दूसरे वर्कआउट के लिए तैयार हो जाते हैं। बेसिक वार्म–अप आपके सारे आलस को पल-भर में भगा देता है। इन बेसिक वार्म-अप्स को करना भी बहुत आसान है।
इसमें आप नी लिफ्ट, हेड रोल, शोल्डर रोल, अपर बॉडी ट्विस्ट, नी (सर्कल), आर्म (सर्कल) कर सकते हैं। इसके अलावा आप वाक, जंपिंग, स्किपिंग, बैग पंचेस आदि भी कर सकते हैं। इन सभी को एक्सरसाइज़ के पहले करने से आप पूरी तरह से फिट रहते हैं।
स्ट्रेचिंग वार्म-अप
बहुत से लोग एक्सरसाइज़ के दौरान बेसिक वार्म-अप और रूटीन वार्म-अप एक साथ करते हैं। इन दोनों में बहुत अंतर होता है। बेसिक वार्म-अप पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है। जिससे हमारी मसल्स मजबूत और फिट रहती हैं। जबकि स्ट्रेचिंग वार्म-अप मसल्स को फ्लेक्सिबल बनाता है। स्ट्रेचिंग वार्म-अप में आप ट्रायसेप्स स्ट्रेच, फिगर फोर स्ट्रेच कर सकते हैं। साथ ही आप बटरफ्लाई स्ट्रेच, साइड बेंड स्ट्रेच, सीटेड नेक रिलीज़, रनर्स स्ट्रेच, और फॉरवर्ड हेंग भी कर सकते हैं।

स्पेसिफिक वार्म-अप
स्पेसिफिक वार्म-अप शरीर के किसी स्पेसिफिक हिस्से पर ज़ोर देकर किया जाता है। आप यदि कोई एक्सरसाइज़ किसी विशेष भाग को ध्यान में रख कर करते हैं। तो फिर आप स्पेसिफिक वार्म-अप कर सकते हैं। फिट रहने की लिए आप स्विमिंग वार्म-अप, साइकिलिंग वार्म-अप, फुटबॉल वार्म-अप और ऐसे बहुत-सी एक्सरसाइज़ कर सकते हैं।
वार्म-अप का महत्व
- वार्म-अप करने से शरीर को गर्मी मिलती है। शरीर का टेम्परेचर बढ़ने से ऑक्सीजन का स्तर शरीर में बढ़ जाता है जो बहुत महत्व रखता है।
- एक्सरसाइज़ रूटीन से पहले वार्म-अप शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनता है। जिससे मसल्स में सही तरह से ब्लड सर्कुलेशन होता है।
- वार्म-अप एक्सरसाइज़ से होने वाली चोटों को रोकने में बहुत फायदेमंद होता है। इसलिए वार्म-अप एक्सरसाइज़ खिलाडियों के लिए बहुत ज़रूरी होती है। एक अध्यन के मुताबिक एक्सरसाइज़ से होने वाली चोटों को 75 प्रतिशत तक रोका जा सकता है।
- हमारे शरीर में वार्म-अप रूटीन से मेटाबोलिक रेट इनक्रीज होता है। जिससे शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ता है। ख़ासतौर पर ये खिलाडियों को बहुत सारे लाभ देता है।
- वार्म-अप एक्सरसाइज़ से लेक्टिक एसिड की मात्रा कम होती है। जिससे थकान के कारण हाथ- पैरों में दर्द नहीं होता है। इससे हमारी बॉडी फिट रहती है।

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