हापुड़ की पूजा ने खोला बुटिक तो ज्योति ने खोली चॉकलेट की दुकान
हापुड़। ड्यूश गेसेलसोफ्ट फर इंटरनेशनेल ज़ुसम्मेनरबैत, जीएमबीएच, जर्मन फेडरल मिनिस्ट्री फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार के साथ साझेदारी में भारत के विभिन्न हिस्सों में महिला उद्यमियों का आर्थिक सशक्तिकरण और महिलाओं द्वारा स्टार्टअप (हर एंड नाउ) परियोजना को लागू कर रहा है। उत्तर प्रदेश के टियर, और टियर शहरों में हर एंड नाउ प्रोजेक्ट एमपावर फाउंडेशन प्रसिद्ध निजी क्षेत्र के सामाजिक उद्यम एम्पावर प्रगति की गैर लाभकारी शाखा के साथ भागीदारी में चल रहा है।
विगत 4 महीनों में उत्तर प्रदेश में हर एंड नाउ प्रोजेक्ट ने कम आय वाले परिवारों से संबंधित 80 से ज्यादा महत्वाकांक्षी और/या शुरुआती चरण की कौशल प्रमाणित महिला उद्यमियों को प्रशिक्षित और सहयोग दिया है। उत्तर प्रदेश में हर एंड नाउ के 3 महीने लंबे उद्यमिता सहयोग कार्यक्रम का हिस्सा रही महिला उद्यमियों ने हाल ही में स्नातक किया है। हर एंड नाउ सपोर्ट प्रोग्राम के ट्रैनी में हापुड़ में स्थानीय चॉकलेट की दुकान की मालिक ज्योति शर्मा थीं, जिन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से वह अपने मौजूदा चॉकलेट व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सही कदम और स्ट्रेटेजी समझने में सक्षम रहीं। हापुड़ की एक अन्य उद्यमी पोशाक क्रिएशन की मालिक पूजा अरोड़ा ने कहा कि मैं एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपना बुटीक चला रही थी, जबकि मैं हमेशा से ही अपने नाम की एक बुटीक खोलने का सपना देखती थी लेकिन, मुझमें इतना आत्मविश्वास नहीं था। कार्यक्रम के माध्यम से मुझे बाजार में बिज़नेस ऑपरेशन के तौर तरीकों के साथ-साथ वित्तीय सहायता प्राप्त करने के विभिन्न तरीकों के बारे में पता चला। मेंटरशिप ने मुझे इतना विश्वास दिलाया है कि मैं अब जल्द ही अपना बुटीक शुरू करने जा रही हूं। बतादे कि 26 और 27 अगस्त को जीआईजेड और एमपॉवर फाउंडेशन उत्तर प्रदेश में दूसरा हर एंड नाउ कॉहोर्ट लॉन्च करेगा, जिसमें वे 80 महिला उद्यमियों के एक अन्य समूह को शामिल किया जाएगा।
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