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एसटीएफ ने पांच युवकों को दबोचा
- हत्‍यारों ने पीपीई किट में कर दिया अंतिम संस्कार
- दो करोड़ फिरौती लेने की बताई जा रही योजना


आगरा । छह दिन पूर्व अपहृत कोल्ड स्टोर मालिक के इकलौते बेटे को मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद पीपीई किट में उसके शव को ले जाकर बल्केश्वर घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। एसटीएफ ने पांच युवकों को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों की दो करोड़ रुपये फिरौती वसूलने की योजना थी।
बरहन क्षेत्र के गांव रूपधनू के मूल निवासी सुरेश चौहान शहर के दयालबाग में रहते हैैं। गांव के पास ही उनका शीतगृह है। वह जिला पंचायत में ठेकेदारी भी करते हैं। सुरेश का इकलौता बेटा सचिन (25) बीती 21 जून को तीसरे पहर साढ़े तीन बजे घर से निकला था। शाम तक नहीं लौटने पर स्वजन ने तलाश की। दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगने पर थाना न्यू आगरा में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। एसटीएफ ने रविवार को शक के आधार पर कमला नगर और दयालबाग के सचिन के परिचित पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो पूरा मामला खुल गया।
सचिन को युवाओं ने फोन कर घर से बुलाया था। एसटीएफ को वह सीसीटीवी कैमरे में घर से पैदल जाता भी दिखा है। एक निर्धारित स्थान पर बुलाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और पीपीई किट में शव ले जाकर बल्केश्वर घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। घाट पर कोरोना से मृत्यु होना बताकर उसका नाम भी गलत लिखवाया है। आरोपी सचिन के स्वजन से उसे जीवित बताकर दो करोड़ रुपये फिरौती वसूलना चाहते थे। रविवार को सिम लेने जाते वक्त वह एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। एसएसपी मुनिराज के मुताबिक अभी पूछताछ की जा रही है।
परिजनों को दी नोएडा में होने की जानकारी
आरोपियों ने 21 जून को ही सचिन के घर उसके नंबर से फोन किया। उस समय स्वजन फोन रिसीव नहीं कर सके। कुछ देर बाद सचिन की मां ने फोन किया, तो एक युवक ने खुद को उसका दोस्त बताकर नोएडा में होने की जानकारी दी। साथ ही सचिन के सोने के बारे में बताया। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। पुलिस को उस वक्त की लोकेशन इटावा की मिली थी।

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