मेरठ । मेरठ के प्रमुख आनंद हॉस्पिटल में शनिवार आधी रात ऑक्सीजन खत्म हो गई। ऑक्सीजन ले रहे 84 कोरोना संक्रमित मरीजों की सांसें उखड़ने लगी। हॉस्पिटल प्रशासन ने इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया। मरीजों के परिजनों को फोन कर ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवा लिए गए। दो गंभीर मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया। हालांकि कुछ देर बाद ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था करा ली गई।
शनिवार रात करीब 12 बजे हॉस्पिटल प्रबंधन ने मरीजों के परिजनों को फोन करके ऑक्सीजन खत्म होने और तत्काल सिलेंडर लेकर आने के लिए कहा। करीब 12-15 मरीजों के परिजन गाड़ियों में सिलेंडर लादकर पहुंचे। इधर, ऑक्सीजन खत्म होने से कोरोना मरीजों को सांस लेने में दिक्कत आने लगी। तत्काल एंबुलेंस से दो मरीजों को सुभारती हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया। बाकी मरीजों को भी शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी।
इस बीच कोरोना संक्रमितों के परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आनंद पहुंचने लगे। हॉस्पिटल प्रबंधन ने उनके सिलेंडर लेकर मरीजों को ऑक्सीजन देनी शुरू की। इससे कुछ मरीजों की सांस आई। जबकि रात साढ़े 12 बजे 20 सिलेंडरों से भरा एक वाहन फैक्ट्री से पहुंच गया। 20 सिलेंडरों का दूसरा वाहन रात एक बजे आया। इस प्रकार ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया करा दी गई।
हॉस्पिटल ने चार दिन पहले चेताया था
आनंद हॉस्पिटल के मैनेजर मुनेश पंडित ने 21 अप्रैल को डीएम, सीएमओ और आईएमए अध्यक्ष/सचिव को एक पत्र लिखा था। पत्र के अनुसार, कोविड वार्ड में 174 मरीज भर्ती हैं। इसमें 141 मरीज वेंटीलेटर-ऑक्सीजन पर हैं। जबकि नॉन कोविड वार्ड में भर्ती 130 में से 48 मरीज ऑक्सीजन-वेंटीलेटर पर हैं। इस प्रकार हॉस्पिटल को रोजाना 450 ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है। जबकि रोज केवल 150 सिलेंडर मिल रहे हैं। पत्र में चेताया गया था कि ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करें, वरना स्थिति जानलेवा हो सकती है।
सीएमओ पहुंचे, 17 एंबुलेंस बुलाईं
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, एसीएमओ एवं आनंद हॉस्पिटल की नोडल अधिकार पूजा शर्मा रात एक बजे मौके पर पहुंच गए। गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को शिफ्ट करने के लिए 17 एंबुलेंस बुला ली गईं। हालांकि अभी सिर्फ दो मरीज ही दूसरे हॉस्पिटल में यहां से भेजे गए हैं।
परिजनों ने की सिलेंडर व्यवस्था
कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गोयल, उनकी पत्नी पार्सद मंजू गोयल कोरोना संक्रमित हैं। दोनों आनंद में भर्ती हैं। रात 12 बजे उनके बेटे को फोन करके सिलेंडर लाने के लिए बोला गया। बेटा दो सिलेंडर लेकर आनंद पहुंचा, तब उनके माता-पिता को ऑक्सीजन मिल पाई। इसी तरह करीब 12-15 परिजन सिलेंडर लेकर आधी रात को हॉस्पिटल पहुंचे।

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