टीबी सांस के जरिए फैलता है इसलिए रोगी मास्क का इस्तेमाल करें : डीटीओ


-    स्वास्थ्य विभाग में क्षय रोग की निशुल्क जांच और उपचार उपलब्ध है


 



हापुड़,21मार्च, 2021। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) के उपलक्ष्य में क्षय रोग विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर सन् 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए क्षय रोग विभाग सतत प्रयासरत है। कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग टीबी, और इसके प्रसार के साथ ही उपचार के बारे में भी जान सकें। दरअसल किसी भी रोग में उपचार जितनी जल्दी शुरू हो, उसके नतीजे उतने ही बेहतर होते हैं। उपचार तभी हम जल्दी शुरू कर सकेंगे जब हमें जानकारी हो। टीबी के मामले में यह बात इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह रोग सांस के जरिए फैलता है। 

जागरूकता कार्यक्रम के तहत  बुलंदशहर रोड स्थित आईएमआईटी कॉलेज में क्षय रोग विभाग ने छात्रों का संवेदीकरण किया। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश कुमार सिंह, डा. राहुल सचान और पीपीएम कोर्डिनेटर सुशील चौधरी ने छात्रों को क्षय रोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताया गया। प्रारंभिक अवस्था में ही क्षय रोग की पहचान कैसे हो, इस बारे में जानकारी दी गई। जिला क्षय रोग अधिकारी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को समझाया कि क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम किस तरह से काम करता है। संवेदीकरण कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डा. प्रशांत कुमार आर्यन, डा. अनिल कुमार और मोहम्मद आरिफ का विशेष सहयोग रहा।
डीटीओ ने बताया क्षय रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में रोगी के दूसरी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए उसे बेहतर पोषण की सलाह दी जाती है। शासन की ओर से रोगी को बेहतर पोषण के लिए हर माह पांच सौ रुपए डीबीटी ( डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दिए जाते हैं, ताकि वह बेहतर पोषण ले सकें। उन्होंने बताया टीबी सबसे ज्यादा फेफड़ों को प्रभावित करती है, हालांकि दूसरे अंगों पर भी इसका असर हो सकता है। यह बीमारी रोगी के खांसने, छीकने और सांस के जरिए फैलती है। इसलिए जरूरी है कि रोगी घर में भी मास्क लगाकर रहें। टीबी का उपचार स्वास्थ्य विभाग निशुल्क उपलब्ध कराता है। एक बार उपचार शुरू करने के बाद जब-तक टीबी पूरी तरह से ठीक न हो जाए, दवा बीच में न छोड़ें, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
 
क्षय रोग  के लक्षण :
- टीबी का शुरुआती लक्षण खांसी है, 15 दिन से ज्यादा खांसी रहने पर जांच कराएं।
- लगातार बुखार रहना भी टीबी का लक्षण हो सकता है।
- अचानक वजन कम होना।
- जल्दी थकान होना।
- सांस लेने में परेशानी होना।

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