मेरठ। जल निगम से सेवानिवत हुए पेशनभोगी कर्मचारियों का बुरा हाल है। विगत पांच माह से उनको पेंशन तक नही दी जा रही है। पेंशन न मिलने के कारण आश्रित भूखमरी के कागार पर पहुंच चुके है। उत्तर प्रदेश जल निगम समिति ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नामित एक ज्ञापन सौंपा और शीघ्र ही पेंशन भुगतान करने की मांग की है।
जिला संयोजक ने बताया कि उत्तर प्रदेश जल निगम १९७५ से पूर्व स्वायत शासन अभियंत्रण राजकीय विभाग है। जल निगम में संविदा आईएएस सेवा से सेवानिवत अधिकारी सहित अन्य विभागों से सेवानिवत अनेकानेक कर्मचारियों / अधिकारियों की की तैनाती से जल निगम की बाह्य विभागों के सेवानिवत कर्मियों के चारागाह बन कर रह गई है। निगम में कर्मियों के देयकों से संबधित हाई कोर्ट में 1100 से अधिक वाद चल रहे है। जिससे कर्मियों/ पेंशनर प्रभावित हो रहे है और उन्हें न तो समय पर वेतन ही मिल पा रहा है और न ही पेंशन दी जा रही है। वेतन ने मिलने के कारण जल निगम कर्मचारी परेशान हाल है। इसलिए मांग की जाती है कि अक्टूबर-2020 से अब तक बकाया पांच माह का वेतन एवं पेंशन का तत्काल भुगतान किया जाए,भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके म्रतक आश्रितों के परिजन को वर्ष 2018 से अवैधानिक रूप से अवरू ध अनुकंपा नियुक्ति तत्काल प्रारम्भ की जाए तथा उनकी समस्याओं को शीघ्र ही निस्तारण किया जाए, अन्यथा कर्मचारी संघ को आंदोलन करना पडेगा।


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