बच्चों के साथ थाना नौचंदी पहुंचकर पीड़िता ने लगाई मदद की गुहार
 

मेरठ। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि वह पीर फकीरों की मजदरों पर जियारत के लिए जाती थी। इस बार भी उसने यही कसूर किया, लेकिन पति को नागवार गुजरा और बदचलन बता कर उसको बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं गुमशुदगी दर्ज कराकर तलाश करने के बहाने से खुद घर में जा छिपा। यह पूरा मामला नौचंदी थाना क्षेत्र निवासी सुलताना पत्नी सगीर से जुड़ा है। उसके दो बच्चे हैं बेटा 12 साल का और बेटी 9 साल की। सुलताना पुत्री बशीर निवासी अलीगढ़ ने बताया कि करीब 13 साल पहले उसका निकाह जलीकोठी निवासी सगीर से हुआ था। फिलहाल उनका परिवार नौचंदी क्षेत्र में किराए पर रहता है। वह बचपन से ही पीरों व फकीरों की मजारों पर जाया करती थी। यह आदती निकाह के बाद भी बनी रही। करीब 15 दिन  पहले वह दोनों बच्चों को लेकर पंजाब में एक माने हुए पीर की मजार पर जियारत को गयी थी। पति को उसका मजारों पर जाकर जियारत करना कतई पसंद नहीं था। लेकिन यह पंसद या नापंसदी की नहीं बल्कि श्रद्धा की बात थी। उसकी पीर फकीरों में अटूट श्रद्धा है, इसीलिए वह चली गयी थी। लेकिन जब वह लौटी तो पता चला कि मकान मालिक ने जिस कमरे मे ंउसका परिवार रहता था वो खाली करा लिया है। कमरे में जो सामान रखा था वो भी नहीं है। पति को मोबाइल स्वीच आफ जा रहा है। जब वह थाना नौचंदी पहुंची तो पुलिस ने बताया कि उसकी तो पहले से ही गुमशुदगी उसके पति सगीर ने लिखायी है।  यह सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी। उसने अलीगढ़ में अपनी भाई वसीम को फोन कर बुलाया। वसीम जब मेरठ पहुंचा तो उसने बताया कि सुलताना बचपन से ही दरगाहों पर जाती रहती है। सुलतान व उसका भाई सगीर के जलीकोठी में रहने वाले परिजनों के पास पहुंचे तो उन्होंने उसको वहां से भगा दिया। उसका आरोप है कि बदचलनी का आरोप लगाते हुए सगीर से किसी प्रकार का संबंध न रखने की हिदायत दी गयी। किसी तरह से उसने सगीर से संपर्क किया तो उसने भी बदचलनी का आरोप लगाते हुए सभी रिश्ते नाते तोड़ देने की बात कही, लेकिन वह सामने आने को तैयार नहीं है। हालांकि पीड़िता का कहना कि सगीर जलीकोठी वाले मकान के भीतर ही है, वह जानबूझ कर नहीं आ रहा है। पीड़िता ने पुलिस से मदद की गुहार लगायी है।

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