मेरठ । नए आरक्षण फॉर्मूले से एक माह में फिर से गांवों की सरकार बदल गई है। मवाना ब्लाक की 47 ग्राम प्रधानों की सीटों में हो रहे बदलावों से भावी प्रत्याशी अपनी ताल ठोकने के लिए तैयार हो गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक 2015 को आधार मानते हुए नए सिरे से चक्रानुसार आरक्षण प्रक्रिया को शुक्रवार देर शाम तक तय कर दिया है। इस आधार पर आरक्षण में भारी फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों का दावा है कि मवाना ब्लाक की 47 ग्राम सभाओं में फिर से अधिकांश सीटों पर सामान्य जाति के लोगों को मौका मिलने जा रहा है। प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों ने शुक्रवार को दिन भर ब्लाक कार्यालय पर अपने सूत्रों के हवाले से आरक्षण की टोह पता कर ली है। मवाना ब्लाक का एक गांव पहले पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था, तो कई संभावित प्रत्याशियों ने लाखों रुपये खर्च कर डाले लेकिन अब नये फार्मूले से गांव अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। सूत्रों का दावा है कि एक गांव पहले पिछड़ा वर्ग की महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित हुआ था, अब वह गांव सामान्य पुरुष के लिए आरक्षित होने जा रहा है। वहां कई संभावित प्रत्याशियों ने खुशी मनाते हुए मिठाई व अन्य सामान बांटना शुरू कर दिया है। मवाना ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) प्रदीप शर्मा बताते हैं कि शासन के आदेश पर प्रधानों का आरक्षण तैयार कर सूची जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से डीएम कार्यालय भेज दी गई है। 22 मार्च तक आरक्षण की सूची चस्पा कर दी जाएगी। आरक्षण का प्रकाशन 20 मार्च को शासन की ओर से जारी आदेश के तहत डीएम 19 मार्च तक आरक्षण की अनंतिम आदेश कर देंगे। उसके बाद 20 मार्च से 22 मार्च तक आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन करना है। 20 मार्च से 23 मार्च तक आपत्तियां प्राप्त करनी है। 24 से 25 मार्च तक आपत्तियों का एकत्रीकरण व सूची तैयार करने को कहा गया है। उसके बाद 26 मार्च को आरक्षण की अंतिम प्रकाशन करना है।
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