मेरठ। भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा गैर.संबध सहभागिता, व्यक्तिगत, बचत योजना एलआईसी की बचत प्लस का शुभारंभ किया गया है जो सुरक्षा तथा बचत का संयोजन प्रस्तुत करती है । यह योजना मृत पालिसीधारक के परिवार को परिपक्वता के पूर्व किसी भी समय वित्तीय सहायता प्रदान करती है और परिपक्वता के समय उत्तरजीवी पालिसीधारकों को एकमुश्त राशि प्रदान करती है । प्रस्तावक एकमुश्त ;एकल प्रीमियम अथवा 5 वर्षों की सीमित अवधि के लिए प्रीमियम का भुगतान कर सकता है । नयी पोलिसी के बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ मंडलीय अधिकारी ने बताया यह अभिकर्ता,अन्य मध्यवर्ती संस्थाओं के माध्यम से ऑफलाईन और साथ ही सीधे वेबसाईट के माध्यम से ऑनलाईन खरीदी जा सकती है । इस योजना के अंतर्गत, एकल प्रीमियम तथा सीमित प्रीमियम भुगतान में से प्रत्येक के अंतर्गत उपलब्ध दो विकल्पों के अनुसार, मृत्यु पर बीमा राशि के चयन का विकल्प प्रदान किया गया है । पालिसी अवधि के दौरान बीमाधारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के मामले में, बशर्ते कि पालिसी जारी होए जोखिम के आरंभ होने की तिथि के बाद मृत्यु पर बीमा राशि देय होगी । पांच पालिसी वर्षों की समाप्ति के बाद, परंतु परिपक्वता की निर्धारित तिथि के पूर्व मृत्यु होने पर निष्ठा आधिक्य यदि कोई हो, सहित मृत्यु पर बीमा राशि देय होगी । जहां परिपक्वता पर बीमा राशि मूल बीमा राशि के बराबर है परिपक्वता की निर्धारित तिथि को बीमाधारक के जीवित होने पर, बशर्ते कि पालिसी जारी हो, निष्ठा आधिक्य, यदि कोई हो, सहित परिपक्वता पर बीमा राशि देय होगी । न्यूनतम मूल बीमा राशि रूण्1,00,000. है जिसमें कोई ऊपरी सीमा नहीं है । पालिसी अवधिए, प्रवेश के समय आयु, परिपक्वता आयु आदि के लिए पात्रता शर्तें प्रस्तावक द्वारा प्रीमियम के भुगतान तथा तदनुसार चुने गए विकल्पों के अनुसार होंगी । प्रीमियम भुगतान के दोनों तरीकों के लिए उच्च मूल बीमा राशि पर छूट प्रस्तुत की गई है ।
No comments:
Post a Comment