गंगा स्वच्छता पर विचार गोष्ठी एवं काव्य संध्या  का आयोजन


मेरठ । विश्व वानिकी दिवस की पूर्व संध्या पर वेंक्टेश्वरा संस्थान एवं ग्रीन केयर सोसाईटी के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ;नमामि गंगेद्ध के तहत गंगा स्वच्छता विचार गौष्ठी एवं काव्य संध्या का शानदार आयोजन किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम संयोजक डॉ विजय पंडित द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर रचित एवं कान्तिधरा साहित्य प्रकाशन द्वारा प्रकाशित काव्य संकलन पर्यावरण प्रहरी पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को स्वच्छ गंगा.निर्मल गंगा एवं पॉलिथीन मुक्त भारत की शपथ भी दिलायी गयी।

टैगोर भवन स्थित सभागार में आयोजित गंगा स्वच्छता विचार गौष्ठी-काव्य संध्या एवं पर्यावरण प्रहरी पुस्तक विमोचन समारोह का शुभारम्भ वेंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन डॉ सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी, मुख्य अतिथि नमामि गंगे परियोजना ;जल शक्तिमंत्रालय, भारत सरकार यूपी के संयोजक चन्द्र प्रकाश चैाहान, ग्रीन केयर सोसाईटी के अध्यक्ष डॉ विजय पंडित आदि  ने सरस्वती माँ के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आये कवियो ने प्रेम, हास्य एवं देशभक्ति, होली के रंगो की ऐसी छटा बिखेरी कि उपस्थित जनसमूह तालिया बजाने को मजबूर हो गया युवा कवि नीरज राजपूत ने ने माहौल को प्रेम रस से सरोबार करते हुए हुए कहा कि प्रेम को ढाई अक्षर का कैसे कहें, प्रेम सागर से गहरा है नभ से बड़ा प्रेम होता है दिखता नहीं हैए मगर प्रेम की ही धुरी पर यह जग है खड़ा सुनकर खूब बाहवाही लूटी।डॉ सरोजिनी तन्हा ने होली के रंगो पर यूं कहा रंगो में घुली लड़की क्या लाल गुलाबी है सब देख के कहते है क्या गाल गुलाबी है। जो पिछले बरस तूने होली पे भिगोया थाए अब तक तो निशानी का रुमाल गुलाबी है।प्रसिद्ध कवि डॉ ईश्वरचन्द्र गम्भीर ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि नमन तुझे नारी बारम्बार, नमन तुझे नारी बारम्बर, तुझसे घर परिवार ही क्याए चलता सारा संसार। उत्तराखण्ड बाढ त्रासदी पर वरिष्ठ कवि डॉ अजीत कुमार अजीत ने कहा वो हंसी के कहंकहे, वो मस्तिया गुम हो गयी, गिनते.गिनते हादसो को गिनतिया गुम हो गयी। बाढ में डूबे हुए घर हाथ मलते रह गयेए पास उनके जाते-जाते कशतिया गुम हो गयी।कवि सम्मेलन को वरिष्ठ कवि डॉ रामगोपाल भारतीय वरिष्ठ कवि डोरीलाल भास्कर, साहित्यकार चन्द्रशेखर शास्त्री, डॉ श्रीगोपाल नारसन, श्रीनितीश राजपूत, डॉ विजय पंडित आदि ने भी सम्बोधित किया। प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी ने अतिथियों को शॉल एवं सम्मान पत्र भेट कर सम्मानित किया। इसके बाद ध्यानचन्द्र खेल परिसर में सभी ने फूलों की होली खेलकर एवं दूसरे को बधाई दी।  इस अवसर पर कुलपति प्रो डॉ पीके भारती, कुलसचिव डॉ पीयूष पाण्डे, परिसर निदेशक डॉ प्रभात श्रीवास्तव, उपनिदेशक दूरस्थ शिक्षा अलका सिंह, रजिस्ट्रार विकास कौशिक, विश्वास त्यागी, विनयजीत, राहुल हाण्डा, विनय एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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