पीओके में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की फायरिंग, 18 की मौत का दावा; ड्रोन और रॉकेट हमलों से दहशत
रावलाकोट में बस टर्मिनल पर जुटे थे प्रदर्शनकारी, चार बच्चों समेत 18 लोगों की मौत की खबर; सस्ते आटे और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर महीनों से जारी है आंदोलन
रावलाकोट। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। भारत टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की और ड्रोन व रॉकेट से हमले किए। इस घटना में चार बच्चों समेत 18 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों और हमलों के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बस टर्मिनल पर जुटे प्रदर्शनकारियों को बनाया निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, रावलाकोट के बस टर्मिनल पर सुबह सैकड़ों लोग प्रदर्शन के लिए जुटे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य सुरक्षा बलों की ओर से कथित तौर पर रॉकेट से हमला किया गया। इसके बाद भगदड़ मच गई और भाग रहे लोगों पर गोलीबारी की गई। घायलों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने की कोशिश कर रहे लोगों पर भी फायरिंग किए जाने का आरोप है।
सस्ते आटे की मांग से शुरू हुआ आंदोलन
पीओके में जून से ही संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन जारी होने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारी सस्ते आटे, खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी और संगठन पर प्रतिबंध के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया। इसके बाद कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
आजादी के नारे, सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ी
प्रदर्शन के दौरान कुछ इलाकों में पाकिस्तान से आजादी के नारे लगाए जाने की भी खबर है। इसके बाद सरकार ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रावलाकोट में ड्रोन से बम गिराए गए और रॉकेट लॉन्चर से कुछ घरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में मकानों को नुकसान पहुंचने और कई स्थानों पर आग लगने की बात भी सामने आई है।
मौतों के आंकड़ों पर स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार
स्थानीय लोगों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। कुछ लोगों ने 150 से अधिक मौतों का भी दावा किया है, लेकिन इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल 18 मौतों का आंकड़ा भी संबंधित रिपोर्ट में दिया गया दावा है।
इस घटना से दो दिन पहले पाकिस्तान में पोलियो अभियान की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना भी सामने आई थी। लगातार हिंसक घटनाओं से क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।


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