सड़क निर्माण के दौरान काल बनी 11 हजार वोल्ट की लाइन, करंट से आठ मजदूरों की मौत

झुंझुनू के छापोली गांव में रोड़ी मिक्सर मशीन हाईटेंशन लाइन से टकराई, तीन घायल; पीएम और राष्ट्रपति ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख की सहायता और एक सदस्य को नौकरी

झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले के छापोली गांव में सोमवार सुबह सड़क निर्माण के दौरान भीषण हादसा हो गया। रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट दौड़ने से वहां काम कर रहे आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक जताया है।

मशीन के हाइड्रोलिक जैक से छुआ बिजली का तार

हादसा सोमवार सुबह करीब 10 बजे उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में कदम कुंड की ओर जाने वाली सड़क पर हुआ। ग्रामीण जनसहयोग से सड़क का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान निर्माण कार्य में लगी रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से छू गया। इसके बाद मशीन में करंट फैल गया और आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

शुरुआत में पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में उपचार के दौरान तीन अन्य मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया। तीन घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

सात घंटे तक चला ग्रामीणों का धरना

हादसे के बाद ग्रामीणों ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। करीब सात घंटे बाद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।

पीएम ने दो लाख और घायलों को 50 हजार देने का किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को घायलों का त्वरित और बेहतर उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री ने भी हादसे पर दुख जताया।

प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उदयपुरवाटी भेजने की कार्रवाई शुरू की। हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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