‘हर घर तिरंगा’ पर केंद्र अपना रुख स्पष्ट करे: तिरंगा लहराने वाले CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत पर अजिंक्य शिंदे ने उठाए सवाल
प्रकाश राज ने भी मोदी सरकार को घेरा, बोले- तिरंगा थामने वाले युवाओं को गिरफ्तार करना कैसी देशभक्ति; दिल्ली पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में दर्ज कीं FIR
नई दिल्ली। जंतर-मंतर और राजधानी के अन्य इलाकों में तिरंगा प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और हिरासत पर पार्टी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को तिरंगा लहराने के लिए जेल में रखा गया है। वहीं, अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से देशभक्ति और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
तिरंगा लहराने पर गिरफ्तारी का आरोप
CJP कार्यकर्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के पांच दिन बाद शनिवार को अजिंक्य शिंदे ने उनकी हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। पार्टी का आरोप है कि कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई अनुचित है और इससे प्रदर्शनकारियों को डराया नहीं जा सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को दास, रांका और अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात सामने आई।
प्रकाश राज ने पूछा- ‘हर घर तिरंगा’ का नारा किसलिए?
अभिनेता प्रकाश राज ने वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए लोगों को देशभक्ति का संदेश दिया, तो राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को हिरासत में क्यों लिया जा रहा है।
प्रकाश राज ने कहा कि तिरंगा थामने वाले युवाओं के खिलाफ गिरफ्तारी और मुकदमों की कार्रवाई सरकार के रुख पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से देशभक्ति और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कार्रवाई से नाराज युवा सत्ता परिवर्तन की मांग कर सकते हैं।
अभिजीत दिपके की हिरासत पर भी विवाद
CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को भी प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया। उनके वकील रत्ना सिंह के अनुसार, दिपके को शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया जाना था।
पुलिस ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से दिपके को हिरासत में लिया था। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया। CJP के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि दिपके को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और शुरुआत में वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
निषेधाज्ञा उल्लंघन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में कई प्राथमिकी दर्ज की गईं। पुलिस का कहना है कि लोगों से एकत्र नहीं होने की अपील के बावजूद भीड़ जमा हुई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि BNSS की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एक ओर CJP कार्यकर्ता हिरासत को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पुलिस निषेधाज्ञा के पालन को कार्रवाई का आधार बता रही है। तिरंगा प्रदर्शन को लेकर सरकार, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है।


No comments:
Post a Comment