बादलों ने रोकी चांद की राह, करवा चौथ पर चांद के दीदार को तरसीं सुहागिनें
निर्जला व्रत रख पति की लंबी उम्र की कामना, आसमान में बादल छाए रहने से बढ़ा इंतजार; पूजा की थाली लेकर चंद्रमा निकलने की राह देखती रहीं महिलाएं
मेरठ। करवा चौथ पर सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद शाम को महिलाओं ने सोलह शृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद चांद निकलने का इंतजार शुरू हुआ, लेकिन आसमान में छाए बादलों ने चंद्रमा की झलक देखने की उम्मीद पर पानी फेर दिया। महिलाएं बार-बार आसमान की ओर निहारती रहीं और बादलों के छंटने की प्रतीक्षा करती रहीं।
पूजा की थाली लेकर करती रहीं इंतजार
करवा चौथ को लेकर सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं ने व्रत की तैयारियां कीं और परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन किया। शाम होते ही सुहागिनें सज-संवरकर पूजा की थाली, दीपक और छलनी लेकर चांद के दीदार के लिए तैयार हो गईं। किसी ने छत पर तो किसी ने खुले स्थान पर खड़े होकर आसमान में चंद्रमा को तलाशा। बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई नहीं दिया, जिससे व्रत खोलने के लिए महिलाओं का इंतजार बढ़ता गया।
आस्था के साथ निभाई परंपरा
करवा चौथ का व्रत सुहागिनें पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। मान्यता के अनुसार, महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने और छलनी से दर्शन करने के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। इस बार बादलों के कारण चांद का दीदार नहीं हो सका। इसके बावजूद महिलाओं की आस्था और उत्साह बना रहा। चांद निकलने की उम्मीद में देर तक आसमान की ओर निगाहें टिकाए रहीं।




No comments:
Post a Comment