आईआईएमटी लाइफ लाइन हॉस्पिटल के खिलाफ उपभोक्ता आयोग पहुंचा मामला
डेंगू उपचार में लापरवाही और दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप, आजाद अधिकार सेना के समर्थन से रोहित कुमार ने दायर किया वाद
मेरठ। आईआईएमटी लाइफ लाइन हॉस्पिटल, गंगानगर में अक्टूबर 2025 में हुए डेंगू उपचार से जुड़े मामले में करीब एक वर्ष तक चली शिकायत और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद पीड़ित रोहित कुमार ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया है। आजाद अधिकार सेना के समर्थन से उन्होंने 30 सितंबर 2026 को मेरठ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चिकित्सा सेवा से संबंधित वाद दायर किया है। वाद का रेफरेंस नंबर 202609302273 है। इसमें आईआईएमटी लाइफ लाइन हॉस्पिटल के निदेशक समेत अन्य को विपक्षी बनाया गया है।
डेंगू के बावजूद 24 घंटे में डिस्चार्ज करने का आरोप
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा के अनुसार, रोहित कुमार को अक्टूबर 2025 में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संगठन का आरोप है कि डेंगू पॉजिटिव होने के बावजूद उन्हें करीब 24 घंटे में डिस्चार्ज कर दिया गया। इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकृत होने के बाद अस्पताल की ओर से 24,150 रुपये लिए जाने की बात भी कही गई है।
शिकायत में उपचार संबंधी दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि दस्तावेजों में प्रोविजनल डायग्नोसिस में पहले टाइफाइड दर्ज था, जिसे बाद में डेंगू के रूप में ओवरराइट किया गया। संगठन के मुताबिक, इसी दस्तावेजी स्थिति के कारण इंश्योरेंस क्लेम में आपत्तियां उत्पन्न हुईं।
सीएमओ से लेकर मंडलीय स्तर तक हुई जांच
देवेंद्र सिंह राणा के अनुसार, उन्होंने 6 अक्टूबर 2025 को मामले की शिकायत की थी। प्रारंभिक सीएमओ जांच में पीड़ित का बयान लिए बिना अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद मामला मंडलीय स्तर पर उठाया गया और दिसंबर 2025 में दोबारा जांच हुई।
संगठन का दावा है कि 24 दिसंबर 2025 की जांच में अस्पताल और इंश्योरेंस पक्ष के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दस्तावेजी त्रुटि को लिखित रूप से स्वीकार किया गया तथा इंश्योरेंस संबंधी आपत्तियों के जल्द समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया।
दो दिन में अनुपालन रिपोर्ट मांगने का दावा
इसके बाद 2 जनवरी 2026 को सीएमओ, मेरठ ने अस्पताल प्रबंधन से दो कार्य दिवस में अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। पत्र में संतोषजनक कार्रवाई न होने पर अस्पताल का पंजीकरण निलंबित किए जाने की चेतावनी दिए जाने की बात भी संगठन ने कही है।
आजाद अधिकार सेना ने सीएमओ के पत्र पर हुई कार्रवाई स्पष्ट करने, इंश्योरेंस क्लेम का निस्तारण कराने, दस्तावेजों में हुई कथित त्रुटि की जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित को नियमानुसार राहत दिलाने की मांग की है।
देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मामला अब जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष है और संगठन पीड़ित को उपलब्ध कानूनी एवं प्रशासनिक माध्यमों से न्याय की प्रक्रिया में सहयोग करेगा। अस्पताल की ओर से आरोपों पर पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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