प्राचीन शहर पर चर्चा नहीं होने से व्यापारियों में रोष, आज जलाएंगे मेडा का पुतला

 संयुक्त व्यापार संघ ने उठाई पुराने शहर के लिए अलग प्रबंधन प्राधिकरण बनाने की मांग, कहा—ध्वस्तीकरण नहीं, व्यावहारिक समाधान निकाले प्राधिकरण

मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की बोर्ड बैठक में प्राचीन शहर के ध्वस्तीकरण और पुराने बाजारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं होने से व्यापारियों में रोष है। संयुक्त व्यापार संघ ने इसे शहर की अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए प्राधिकरण के रवैये पर नाराजगी जताई है। विरोध में व्यापारी सोमवार को घंटाघर के पास मेडा का पुतला दहन करेंगे।

नौ दरवाजों और परकोटे के भीतर बसा है प्राचीन शहर

संयुक्त व्यापार संघ के निर्वाचित अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि प्राचीन शहर की वास्तविक सीमाएं निर्धारित करने के लिए अब तक भौगोलिक सर्वेक्षण नहीं कराया गया है। ऐतिहासिक रूप से मेरठ का प्राचीन शहर नौ दरवाजों और परकोटे के भीतर बसा हुआ है। खैरनगर, लाला का बाजार, सुभाष बाजार, शहर सराफा और घंटाघर जैसे प्रमुख बाजार इसी क्षेत्र में आते हैं। इन बाजारों में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। ऐसे में पुराने शहर से जुड़े मामलों की अनदेखी व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

अलग प्रबंधन प्राधिकरण बनाने की मांग

संयुक्त व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष विजय आनंद अग्रवाल ने पुराने शहर को एमडीए के दायरे में नहीं लेने और इसके लिए अलग प्रबंधन प्राधिकरण गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण किसी समस्या का समाधान नहीं है। पुराने शहर की ऐतिहासिक संरचना, घनी आबादी और बाजारों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर व्यावहारिक नीति बनाई जानी चाहिए।

पांच से 24 फीट तक चौड़ी सड़कों पर नियम लागू करना मुश्किल

विजय आनंद अग्रवाल ने भू-उपयोग परिवर्तन और फ्रंट, बैक व साइड सेटबैक से जुड़े नियमों को अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि पुराने शहर के बाजारों में पांच से 24 फीट तक चौड़ी सड़कें हैं। ऐसे सघन क्षेत्रों में सेटबैक संबंधी नियमों का पालन करना मुश्किल है। इसके चलते पुरानी इमारतों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में भी व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

घंटाघर पर पुतला दहन करेंगे व्यापारी

मेडा की बोर्ड बैठक में पुराने शहर का मुद्दा नहीं उठने के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ ने पुतला दहन का निर्णय लिया है। संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता, विकास गिरधर, मनीष शर्मा और अमित बंसल ने बताया कि सोमवार को घंटाघर के पास मेडा के विरोध में पुतले जलाए जाएंगे। व्यापारियों ने मांग की है कि पुराने शहर की समस्याओं के समाधान के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए और ध्वस्तीकरण के बजाय व्यावहारिक विकल्पों पर विचार किया जाए।

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