खादी के धागों से रोजगार को धार, मेरठ में सजा स्वदेशी उत्पादों का बाजार
राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी,एमएलसी धमेन्द्र भारद्वाज ,मेयर समेत जनप्रतिनिधियों ने किया मंडल स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ, 10 दिन तक होगी खरीदारी
मेरठ। खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण उद्यमियों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से मेरठ में मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से आयोजित 10 दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ शनिवार को राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शनी में खादी के परिधानों से लेकर रेशमी साड़ियों, कश्मीरी शॉल, क्रॉकरी और सूखे मेवों तक के स्टाल लगाए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ दूसरे राज्यों के उत्पाद भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं।
उद्घाटन के बाद जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का भ्रमण कर स्टालों पर उपलब्ध उत्पादों का अवलोकन किया। आयोजन के माध्यम से स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहन देने के साथ पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिल रहा है।
गांवों की अर्थव्यवस्था से जुड़ी है खादी
सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने खादी की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले गांवों में सूत तैयार करने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक लाभ मिलता था। महात्मा गांधी ने खादी को स्वदेशी आंदोलन की पहचान बनाया। आज भी खादी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी भावना का प्रतीक है।
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने शहरवासियों से प्रदर्शनी में पहुंचकर अधिक से अधिक खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है। बिक्री बढ़ने से उन्हें कारोबार के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने अतिथियों का खादी का पटका पहनाकर स्वागत किया। परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने अतिथियों को चरखे के स्मृति चिह्न भेंट किए। उन्होंने प्रदर्शनी की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए लोगों से स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
आरजी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य और स्वदेशी विषय पर नाट्य प्रस्तुति देकर देश में निर्मित वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया। इसके बाद महात्मा गांधी पुरस्कार योजना के अंतर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों को सम्मानित किया गया।
10 दिन तक मिलेगा खरीदारी का अवसर
प्रदर्शनी का उद्देश्य खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादकों को बिक्री का मंच उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यहां विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से ग्राहकों को खरीदारी के विकल्प मिलेंगे। आयोजकों ने मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से प्रदर्शनी में पहुंचने की अपील की, ताकि स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को बाजार मिल सके और स्वदेशी कारोबार को मजबूती मिले।





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