भाजपा के 90% जिलाध्यक्ष सोशल मीडिया पर निष्क्रिय, संगठन की समीक्षा बैठक में खुली पोल

धर्मपाल सिंह ने लगाई क्लास, पूछा- फेसबुक-इंस्टाग्राम पर सक्रिय नहीं तो एक्स पर क्या करेंगे; विनोद तावड़े बोले- विपक्ष नैरेटिव बना रहा, हर विधानसभा में 50 सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची बनाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने अब अपने पदाधिकारियों की सोशल मीडिया सक्रियता पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में सामने आया कि प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत जिलाध्यक्ष सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं। कई जिलाध्यक्षों के खातों पर पिछले एक महीने में एक भी पोस्ट नहीं मिली, जबकि सक्रिय दिखने वालों की पोस्ट भी 15 से 20 तक ही सीमित रही।

प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने क्षेत्रीय अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों की सोशल मीडिया गतिविधियों की रिपोर्ट पेश कराई। इसमें अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी की सक्रियता भी बेहद कम पाई गई। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के संसदीय क्षेत्र महराजगंज के जिलाध्यक्ष अशोक उर्फ संजय पांडेय की रिपोर्ट भी संतोषजनक नहीं मिली। रिपोर्ट देखने के बाद पंकज चौधरी मुस्कुराकर रह गए।

अपनी फोटो पोस्ट करने तक सीमित हैं जिलाध्यक्ष

धर्मपाल सिंह ने पदाधिकारियों से सवाल किया कि कितने जिलाध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों की पोस्ट रीपोस्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पदाधिकारी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय नहीं हैं तो उनसे एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सक्रियता की क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या जिलाध्यक्ष सोशल मीडिया पर केवल अपनी तस्वीरें पोस्ट करने तक सीमित रह गए हैं।

विपक्ष बना रहा नैरेटिव, हर विधानसभा में 50 कार्यकर्ता सक्रिय करें

यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों को सोशल मीडिया की ताकत पहचाननी होगी। पहले भाजपा सोशल मीडिया पर मजबूत थी, लेकिन अब विपक्ष नैरेटिव बना रहा है। उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में 50-50 सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी कहा कि युवा मतदाताओं तक पहुंच बनानी है तो सोशल मीडिया से जुड़ना होगा।

सह-प्रभारी की टिप्पणी से पदाधिकारियों में नाराजगी

बैठक में प्रदेश सह-प्रभारी प्रदीप वर्मा ने संगठन की कमियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिलों के दौरे के दौरान कई जगह कार्यकर्ता नारे तक नहीं लगाते। उनकी इस टिप्पणी के बाद बैठक समाप्त होने पर कुछ जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों में नाराजगी भी देखी गई।

1.25 करोड़ कटे नामों को दोबारा जुड़वाने की तैयारी

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में भाजपा समर्थित करीब 1.25 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची का मिलान करेंगे और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने में मदद करेंगे। विधानसभा और जिला स्तर पर चुनाव संचालन समितियां भी गठित की जाएंगी। इनमें पूर्णकालिक समय देने वाले अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

नवंबर में छह सांगठनिक क्षेत्रों में पदयात्रा

बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। तीन, चार और पांच नवंबर को पार्टी के सभी छह सांगठनिक क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जेपी नड्डा, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल होंगे। बैठक में अमित शाह के सात नवंबर को अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने और चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह की कमिश्नरी स्तर पर रैलियों की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर जिले में रोड शो और सभाएं करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। रविदास जयंती यात्रा का तीन दिसंबर को वाराणसी में समापन होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।

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