नमो भारत कॉरिडोर के पास बसेगा नया मेरठ, 549 एकड़ में इंडस्ट्रियल हब तो 101 एकड़ में टाउनशिप

मेडा ने तैयार किया प्रस्ताव, रिठानी-मोहकमपुर समेत चार गांवों में खरीदी जाएगी औद्योगिक क्षेत्र की जमीन; किसानों से सहमति के आधार पर भूमि खरीदने की तैयारी

मेरठ। नमो भारत कॉरिडोर के आसपास मेरठ के विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) शहर में 549 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र और 101 एकड़ में आवासीय टाउनशिप विकसित करेगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। योजना को मंजूरी मिलने पर शहर में औद्योगिक भूखंडों और आवासीय सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

परियोजना के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत शासन से धनराशि मांगी जाएगी। मेडा की योजना किसानों की सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए महायोजना में पहले से चिह्नित औद्योगिक भूउपयोग वाली जमीन ली जाएगी, जबकि आवासीय टाउनशिप के लिए कुंडा गांव में 101 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी।

चार गांवों में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए रिठानी, मोहकमपुर, कुंडा और सुंदरा उर्फ पूठा में जमीन चिह्नित की गई है। गांववार प्रस्तावित भूमि इस प्रकार है।

  • रिठानी : 329 एकड़

  • मोहकमपुर : 82 एकड़

  • कुंडा : 71 एकड़

  • सुंदरा उर्फ पूठा : 66 एकड़

  • कुल : 549 एकड़

इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए 821 गाटों में दर्ज भूमि से जुड़े करीब 2,451 किसान प्रभावित होंगे। भूमि खरीद पर लगभग 1,669 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

101 एकड़ में बनेगी आवासीय टाउनशिप

कुंडा गांव में प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप के लिए 99 गाटों की करीब 101 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। इससे लगभग 420 किसान प्रभावित होंगे। भूमि खरीद पर करीब 263 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस तरह दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि खरीद पर कुल लगभग 1,932 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

शताब्दीनगर, रिठानी और परतापुर स्टेशन के आसपास होगा विकास

प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप नमो भारत कॉरिडोर के ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन में होगी। यह क्षेत्र शताब्दीनगर, रिठानी और परतापुर स्टेशनों के आसपास निर्धारित 1.5 किलोमीटर के दायरे में आता है। टीओडी नीति का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के आसपास आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

एक ही भवन में दुकान और आवास की सुविधा

टीओडी नीति के तहत टाउनशिप में मिश्रित भूउपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अंतर्गत एक ही भवन में नीचे दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां तथा ऊपर आवासीय फ्लैट विकसित करने की व्यवस्था हो सकती है। इससे लोगों को आवास के साथ खरीदारी और अन्य जरूरी सुविधाएं परिवहन कॉरिडोर के नजदीक उपलब्ध कराने की योजना है।

मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र और आवासीय टाउनशिप का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा। इसके लिए खसरों का चिह्नांकन कर लिया गया है। किसानों की सहमति के आधार पर भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी परियोजना

फिलहाल दोनों परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। शासन से स्वीकृति और धनराशि मिलने के बाद भूमि खरीद तथा विकास कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। परियोजना पूरी होने पर मेरठ में औद्योगिक गतिविधियों और नियोजित आवासीय विकास के लिए नए अवसर तैयार होने की संभावना है।

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