मेरठ में बच्चों से भरी स्कूल बस छह फीट गहरे खेत में गिरी, 15 से ज्यादा घायल
स्टेयरिंग फेल होने से हादसा, शीशे तोड़कर बच्चों को निकाला बाहर; चालक पर नशे में होने का आरोप, स्कूल संचालक ने किया खारिज
मेरठ। जिले में बुधवार सुबह बच्चों से भरी एक निजी स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई। चिंदौड़ी गांव के पास स्टेयरिंग फेल होने से बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब छह फीट गहरे खेत में जा गिरी। हादसे में 15 से ज्यादा बच्चों के घायल होने की सूचना है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों को एसडीएस ग्लोबल समेत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बस में फंसे बच्चों को शीशे तोड़कर निकाला
हादसा बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे रहटा ब्लॉक में चिंदौड़ी गांव के पास हुआ। भाजपा नेता प्रदीप ढड़रा के मुताबिक, बस एक गांव से बच्चों को लेकर दूसरे गांव जा रही थी। इसी दौरान अचानक स्टेयरिंग फेल हो गया और चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस सड़क से उतरकर खेत में जा गिरी। दुर्घटना के बाद बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बस के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
चालक पर नशे में होने का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों और घायल बच्चों के परिजनों ने चालक पर शराब के नशे में बस चलाने का आरोप लगाया। चालक के मौके से फरार होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्कूल संचालक अजय गुप्ता ने चालक के शराब पीने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि चालक नशे में नहीं था।
स्कूल पहुंचकर परिजनों ने किया हंगामा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन स्कूल पहुंच गए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराज अभिभावकों और ग्रामीणों की स्कूल प्रबंधन से कहासुनी हुई। बाद में स्कूल संचालक और अन्य लोगों ने उन्हें शांत कराया। स्कूल संचालक ने दावा किया कि हादसे में केवल दो बच्चे घायल हुए हैं और घायलों के इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाएगा। यह दावा घायलों की संख्या संबंधी शुरुआती सूचना से अलग है।
सीओ ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलने पर सीओ सरधना आशुतोष कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल बच्चों का हाल जाना। दुर्घटना के बाद स्कूल बस की तकनीकी स्थिति, फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जानकारी में स्टेयरिंग फेल होने को हादसे की वजह बताया गया है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।



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