यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमला, 14 लोगों की मौत

निप्रो में यात्रियों से भरी इलेक्ट्रिक ट्रेन को बनाया निशाना, 10 घायल; 2026 के पहले आठ महीनों में रेल नेटवर्क पर 1600 से अधिक हमले

कीव। यूक्रेन के मध्य में स्थित निप्रो शहर में गुरुवार सुबह रूसी ड्रोन ने रेलवे स्टेशन पर हमला कर दिया। हमले में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। शहर के मेयर बोरिस फिलातोव के मुताबिक, ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया। हमले के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले को भयावह बताते हुए रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की। यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के अनुसार, हमले के समय निप्रो से जापोरिजिया जाने वाली ट्रेन नंबर 866 प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और रवाना होने की तैयारी कर रही थी। खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे।



आठ महीने में रेल नेटवर्क पर 1600 से ज्यादा हमले

यूक्रेन के मुताबिक, रूस ने वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में उसके रेलवे नेटवर्क पर 1600 से अधिक हमले किए। इन हमलों में ट्रेनों, रेल इंजनों और रेलवे से जुड़े अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के अनुसार, वर्ष 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस 500 से अधिक रेल इंजनों को नुकसान पहुंचा चुका है या नष्ट कर चुका है। इनमें आधे से ज्यादा घटनाएं इसी साल हुई हैं।

रेलवे बाधित होने से आपूर्ति व्यवस्था पर असर

यूक्रेन में रेलवे यात्रियों के आवागमन के साथ अनाज, जरूरी सामान और राहत सामग्री की ढुलाई का प्रमुख साधन है। ऐसे में रेल नेटवर्क पर हमलों से परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पूर्व उप परिवहन मंत्री वासिल शेवचेंको के मुताबिक, किसी रेल इंजन पर हमला होने से पूरे रेल मार्ग का यातायात ठप हो सकता है। डीजल इंजन में बड़ी मात्रा में ईंधन होने के कारण हमले के बाद आग लगने का खतरा भी रहता है।

ड्रोन के खतरे से हजारों ट्रेनों को रोकना पड़ा

लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी ने ट्रेनों और ड्रोन की गतिविधियों पर निगरानी के लिए केंद्र बनाए हैं। खतरे का संकेत मिलने पर ट्रेनों को रोककर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जाती है।

रेलवे कंपनी के मुताबिक, सितंबर में ड्रोन हमलों के खतरे के कारण 5,831 ट्रेनों से यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। कुछ यात्रियों को खतरा टलने तक रेलवे ट्रैक के पास या खुले मैदानों में इंतजार करना पड़ा। एक ट्रेन को सितंबर में 6.5 घंटे तक रोकना पड़ा था। लगातार हमलों के कारण यूक्रेन की रेल सेवाओं को यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन बनाए रखने के बीच चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

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