बायोमेट्रिक सिस्टम में सेंध लगाकर सरकारी राशन की हेराफेरी, EOW ने कंप्यूटर ऑपरेटर को किया गिरफ्तार

मुरादाबाद में 2018 में सामने आया था मामला, आरोप- लाभार्थियों के आधार नंबर बदलकर 56 बार अपने आधार से निकाला राशन

मेरठ। सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बायोमेट्रिक प्रक्रिया का कथित दुरुपयोग कर लाभार्थियों के राशन में हेराफेरी के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की मेरठ सेक्टर टीम ने कार्रवाई की है। टीम ने मुरादाबाद से अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया है। अविनाश कुमार, चरण सिंह सैनी का बेटा है और मुरादाबाद के जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करता था।

आधार नंबर बदलकर निकाला गया राशन

EOW के अनुसार, मामला वर्ष 2018 में मुरादाबाद में सामने आया था। आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान तकनीक का गलत इस्तेमाल किया और कंप्यूटराइज्ड राशन वितरण प्रणाली में हेराफेरी की।

जांच के मुताबिक, असली लाभार्थियों के आधार नंबरों को सिस्टम में बदलकर आरोपियों ने अपने आधार नंबर दर्ज किए। इसके बाद ई-पॉस मशीन पर बायोमेट्रिक अंगूठे का इस्तेमाल कर कथित रूप से वास्तविक लाभार्थियों के हिस्से का राशन फर्जी तरीके से निकाल लिया गया। मामले में मुरादाबाद के नागफनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

56 बार इस्तेमाल किया अपना आधार

जांच में EOW को पता चला कि अविनाश कुमार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करते हुए राशन वितरण प्रणाली का कथित दुरुपयोग किया। आरोप है कि उसने अपने आधार नंबर का 56 बार इस्तेमाल किया और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के जरिए वास्तविक लाभार्थियों के अनाज की फर्जी निकासी में मदद की।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान

मामले की गंभीरता को देखते हुए EOW उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत EOW मेरठ सेक्टर की टीम ने मंगलवार को मुरादाबाद पहुंचकर अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया।

EOW की कार्रवाई के बाद मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और सरकारी राशन की कथित हेराफेरी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

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