परिषदीय स्कूलों में चमकेंगे पढ़ाई से मैदान तक के सितारे

15 फरवरी से 15 मार्च तक होंगे वार्षिकोत्सव, मेधावी छात्रों के साथ खेल-कला और नियमित उपस्थिति में अव्वल बच्चों को मिलेगा सम्मान

मेरठ। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन देने की तैयारी शुरू हो गई है। सत्र 2026-27 में 15 फरवरी से 15 मार्च 2027 के बीच विद्यालयों में वार्षिकोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इनमें पढ़ाई, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और नियमित उपस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले अभिभावकों को भी सम्मान मिलेगा।

हर कक्षा से चुने जाएंगे मेधावी छात्र-छात्राएं

राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार पिछली परीक्षा में प्रत्येक कक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले एक छात्र और एक छात्रा का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। पूरे विद्यालय में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थी और खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक विद्यार्थी को भी सम्मानित किया जाएगा। पीएमश्री विद्यालयों को फिलहाल इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।

बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले अभिभावकों का भी सम्मान

वार्षिकोत्सव में अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों की उपलब्धियों में योगदान देने वाले अभिभावकों को शॉल, मोमेंटो या पौधा देकर सम्मानित किया जा सकेगा। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों को समारोह से कम से कम दो दिन पहले निमंत्रण दिया जाएगा। शिक्षक व्यक्तिगत संपर्क के साथ बच्चों से तैयार कराए गए हस्तनिर्मित निमंत्रण कार्ड भी भेजेंगे।

अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण

वार्षिकोत्सव की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए डायट प्राचार्य और बीएसए कम से कम चार-चार विद्यालयों, बीईओ पांच विद्यालयों तथा एसआरजी और एआरपी कम से कम तीन विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। समारोह के बाद प्रधानाध्यापकों को जियो-टैग तस्वीरें प्रेरणा पोर्टल के एसएमसी मॉड्यूल पर अपलोड करनी होंगी।

पांच हजार रुपये में सजेगा समारोह, पुरस्कार में मिलेंगी उपयोगी चीजें

प्रत्येक विद्यालय को वार्षिकोत्सव के आयोजन के लिए पांच हजार रुपये का बजट मिलेगा। इसमें आगंतुकों के बैठने और लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था पर अधिकतम 1500 रुपये, अभिभावकों के जलपान पर 1500 रुपये और पुरस्कार सामग्री पर दो हजार रुपये खर्च किए जा सकेंगे।

पुरस्कारों में लंच बाक्स, पानी की बोतल, ट्राफी, ड्राइंग नोटबुक, कंपास, वाटर कलर, स्टेशनरी के साथ कहानी अथवा महान विभूतियों के जीवन पर आधारित प्रेरक पुस्तकें दी जा सकेंगी। इससे बच्चों को उपलब्धि के साथ आगे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए भी प्रेरणा मिलेगी।

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